संकट के समय चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा ने पांच सौ उत्तराखंडी परिवारों को गोद लिया है। वे लॉकडाउन और कर्फ्यू जारी रहने तक सभी परिवारों के मददगार होंगे।
इससे पहले उन्होंने उन परिवारों को राशन पहुंचवाएं हैं। लॉकडाउन के दौरान गरीब और जरूरतमंद एक सौ पच्चीस बेटियों की पढ़ाई के लिए फीस, ड्रेस और किताबें भी खरीदकर देंगे। ये लोग यहां होटल, कैटरिंग आदि में काम करते हैं। लॉकडाउन के चलते ये परिवार काफी संकट में थे और उनसे उत्तराखंड पहुंचाने की गुहार लगा रहे थे।
परिवारों तक राशन पहुंचाने में उन्होंने दस- दस लोगों की दस टीमें बनाई है। ये टीम के सदस्य जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाते हैं। बता दें लॉकडाउन और शहर में कर्फ्यू लगने पर उत्तराखंड के विभिन्न भागों के चंडीगढ़ में रहने वाले लोगों को आर्थिक तंगी आने लगी।
उन्होंने अपनी परेशानी चंडीगढ़ केंद्रीय रामलीला महासभा के चेयरमैन भूपेंद्र शर्मा को बताई। लोगों ने उनसे उत्तराखंड उनके गांव पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था कराने का निवेदन किया। जरूरतमंदों ने कहा कि उनके पास खाने के लिए न घर में अन्न का दाना है और न पैसे नहीं हैं। ऐसे में काम नहीं चल रहा है। ये लोग कैटरिंग के अलावा होटलों और फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर हैं।
लोगों की बात सुनने के बाद भूपेंद्र शर्मा ने उन पांच सौ परिवारों के लिए राशन की व्यवस्था कराई। सभी परिवारों को पांच किलो चावल और दस किलो आटा के साथ घर में जो भी रोजमर्रा के सामान हैं उसे भी घरों में पहुंचवाया। भूपेंद्र शर्मा बिजनेसमैन के अलावा उत्तराखंड के जुड़ी कई संस्थाओं के पदाधिकारी भी हैं।
भूपेंद्र शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि लॉकडाउन और कर्फ्यू के दौरान कई लोगों ने उत्तराखंड जाने की पेशकश की। लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उनके घरों पर ही राशन की व्यवस्था कराई। यह व्यवस्था लॉक डाउन जारी रहने तक रहेगा।