डांस के पांच मास्टर चंडीगढ़ में आ चुके हैं। सेक्टर-8 के ‘द इंजन रूम’ में शनिवार से शुरू हुई दो दिवसीय मल्टी डांस वर्कशॉप ये मास्टर पांच अलग-अलग शैलियां सिखा रहे हैं।
बी-बोइंग और पोपिंग
दिल्ली के दो किशोर हिप-हॉप की बारीकियों से रूबरू करा रहे हैं। इनमें एक सागर हैं जो अभी 12वीं में पढ़ रहे हैं और दूसरे अक्षित मैकेनिकल इंजीनियरिंग खत्म कर डांस गुरु बने हैं।
दोनों ने इंटरनेशनल ट्रेनर से ट्रेनिंग ली है। सागर बी-बोइंग के उस्ताद हैं तो अक्षित पोपिंग के। दोनों का कहना है कि डांस रिएलिटी शो में हिप-हॉप की इमेज सही तरह से पेश नहीं की जा रही।
हिप-हॉप और पोपिंग को सही तरह से समझना है तो घंटों पसीना बहाना पड़ता है न कि एक विशेष स्टेप सीख लेने से यह हिप-हॉप हो जाता है।
कंटेंपरी और बेले
दिल्ली की डांस टीचर अभिन्या भी काफी युवा हैं। वह कंटेंपरी और बेले डांस की बारीकियां सिखाती हैं। वे कहती हैं कि इंडिया में बेले और कंटेंपरी डांस को इंटरटेनमेंट के तौर पर ही देखा जाता है, जबकि यह काफी मुश्किल और कलात्मक है। इसके लिए काफी अभ्यास की जरूरत है।
अभिन्या की तरह ही कलई भी युवा हैं। वह मलेशिया से आए हैं। हिप-हॉप और कंटेंपरी में उनकी महारत है। वह कहते हैं भले ही चंडीगढ़ छोटा शहर है मगर यहां डांस को लेकर काफी क्रेज है।
सालसा
जालंधर के अर्श को सालसा से इतना लगाव है कि इसके लिए उन्होंने अपनी शिप वाली जॉब (मर्चेंट नेवी) भी छोड़ दी।
उन्होंने सालसा की ट्रेनिंग लॉस एंजल्स से ली है। उन्होंने बताया कि सालसा वैसे तो काफी डीसेंट डांस फार्म है लेकिन इसे आप हर जगह नहीं कर सकते, चाहे वह डिस्क ही क्यों न हो।
इसके लिए आपको समान हुनर वाले एक पार्टनर की भी जरूरत होती है, तभी आप दिल जीत सकते हैं।