चंडीगढ़। 50 हजार के इनामी गैंगस्टर मोंटी शाह समेत पांच आरोपियों को पकड़ने में यूटी पुलिस अब तक कामयाब नहीं हो सकी है। यह सभी आरोपी चर्चित सोनू शाह हत्याकांड के गवाहों की हत्या की कोशिश और सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में वांछित हैं।
मोंटी शाह छह महीने पहले बुड़ैल में सोनू शाह हत्या के गवाहों को गोली मारने के प्रयास का आरोपी है जबकि शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, सौरभ गुप्ता, खलिंदर सिंह उर्फ कादियान व गुरप्रीत सिंह (फर्जी राहुल मेहता) एक महीने पहले सेक्टर-37 में कोठी कब्जाने के मामले में आरोपी हैं। पुलिस ने इन सभी पर 50-50 हजार का इनाम रखा है। इन आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस व क्राइम ब्रांच की अलग-अलग टीमें गठित की गईं हैं लेकिन अब तक इनका सुराग नहीं लगा है।
मोंटी शाह पर आरोप है कि वह 12 अक्तूबर 2020 की रात दोनों हाथों में पिस्टल लहराते हुए सोनू शाह हत्याकांड के गवाह व उसके भाई प्रवीण शाह और तीरथ पर गोली चलाने की नियत से बुड़ैल स्थित उनके दफ्तर पहुंचा। मोंटी को देखते ही दोनों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। सीसीटीवी फुटेज में वारदात कैद हुई थी। वारदात के बाद मोंटी की लोकेशन राजस्थान के हनुमानगढ़ में मिली थी। पुलिस ने उसके ठिकानों पर छापा मारने पहुंची लेकिन वह पहले ही फरार हो गया। इसके बाद जनवरी 2021 में आखिरी बार मोंटी शाह की लोकेशन पश्चिम बंगाल के एक जिले में मिली।
क्राइम ब्रांच की टीम उसको पकड़ने के लिए रवाना भी हुई, लेकिन इस बार भी पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। इसके बाद से पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस अब उसके सोशल मीडिया समेत अन्य करीबियों पर नजर रख रही है। दावा है कि मोंटी को जल्द से जल्द पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।
वहीं, सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी के कब्जा करने के मामले में पत्रकार संजीव महाजन समेत नौ लोगों के खिलाफ पुलिस ने दो मार्च को केस दर्ज किया था। मामले में संजीव महाजन, तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी रामगोपाल के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन फरार चल रहे सेक्टर-33 निवासी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, सेक्टर-38/सी निवासी सौरभ गुप्ता, सेक्टर/11ए निवासी खलिंदर सिंह उर्फ कादियान और मोहाली फेज-9 औद्योगिक क्षेत्र निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ मनी को पकड़ने में सफलता नहीं मिली तो पुलिस ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रख दिया था। बावजूद इसके अब तक इनका सुराग नहीं लगा है।
इनामी राजू बिसौदी को एसटीएफ ने पकड़ा था
28 सितंबर 2019 को सोनू शाह की हत्या के बाद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने फेसबुक पर सोनू शाह की हत्या की जिम्मेदारी ली थी जबकि अगले दिन लॉरेंस गैंग के ही राजू बिसौदी ने भी हत्या की जिम्मेदारी ले ली। यूटी पुलिस जब राजू बिसौदी को दबोचने में नाकाम रही तो उस पर 50 हजार रुपये का इनाम रख दिया। बावजूद इसके चंडीगढ़ पुलिस को राजू का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि फरवरी 2020 को राजू बिसौदी को हरियाणा एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया।
क्या कहते हैं अधिकारी
आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें अपने स्तर पर काम कर रही हैं। जल्द ही सभी को दबोच लिया जाएगा।
कुलदीप सिंह चहल, एसएसपी
गैंगस्टर मोंटी शाह- फोटो : CHANDIGARH
अरविंद सिंगला - फोटो : CHANDIGARH
सौरभ गुप्ता - फोटो : CHANDIGARH
गुरप्रीत सिंह (नकली राहुल मेहता) - फोटो : CHANDIGARH