15 नवंबर की रात नवां पिंड पुलिस चौकी में तैनात एएसआई सरूप सिंह हत्याकांड मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी (ग्रामीण) सतिंदर सिंह ने बताया कि 16 नवंबर को सुबह शव मिलने के दो घंटों में ही आरोपियों की पहचान कर ली गई थी। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर हासिल कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
एसएसपी सतिंदर सिंह ने बताया कि 16 नवंबर की सुबह हत्या का केस दर्ज किया। अगले दिन तरसिक्का थाने के दशमेश नगर निवासी शरणजीत सिंह, 18 नवंबर को सुच्चा सिंह और करण सिंह को काबू कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने रसूलपुर कलां के राहुलप्रीत सिंह उर्फ सिमरन और अकालगढ़ ढरपइयां निवासी हरपाल सिंह उर्फ पालो को गिरफ्तार किया।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी हरपाल सिंह उर्फ पालो के कब्जे से पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल और पांच कारतूस भी बरामद कर लिए हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को काबू राहुलप्रीत सिंह उर्फ सिमरन और हरपाल सिंह उर्फ पालो को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पूछताछ में अन्य आरोपियों की मिलीभगत मिलने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नजदीक से गोली मारकर की थी हत्या
एसएसपी (ग्रामीण) सतिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी हरपाल सिंह उर्फ पालो और विशाल एएसआई सरूप सिंह के साथ निजी रंजिश रखते थे। पालो ने अन्य आरोपियों से मिलकर योजनाबद्ध तरीके से गांव खानकोट-दुबुर्जी लिंक रोड पर बुलाया और बिल्कुल निकट से एएसआई सरूप सिंह के सिर में गोली मारकर हत्या की थी।
यह है मामला
बता दें कि 15 नवंबर की रात नवां पिंड पुलिस चौकी में तैनात एएसआई सरूप सिंह के मोबाइल पर किसी का फोन आया और फोन करने वाले के साथ सरूप सिंह की बहस हुई। इसके बाद एएसआई एक्टिवा पर सवार होकर घर में यह कहकर निकला कि किसी केस की जरूरी फाइल पुलिस चौकी में देनी है। घर से जाने के करीब एक घंटे बाद ही सरूप सिंह का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आने लगा था। इसके अगले दिन 16 नवंबर को सुबह एएसआई का शव खानकोट-दुबुर्जी लिंक रोड पर मिला था।