होली से ऐन पहले हरियाणा सरकार की ओर से विस में पेश बजट के जरिये वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने भरी बाल्टी एसवाईएल की सूखी नहर में उड़ेल दी है। जबकि प्रदेश की अन्य जनता पर हल्की-फुल्की फूहारें ही पड़ पाई हैं।
ऐसे में यह बजट भी राजनीतिक रंग से अछूता नहीं रह सका। विवादों की इस नहर के मामले में जहां सुप्रीम कोर्ट हरियाणा के पक्ष में है, वहीं पंजाब अपनी जिद पर अड़ा है। इसी बीच हरियाणा सरकार ने नहर बनाने के लिए बजट में लंबी-चौड़ी घोषणा कर दी है।
हरियाणा सरकार ने बजट में एसवाईएल के लिए 100 करोड़ की राशि का प्रावधान कर दिया है। यही नहीं कैप्टन ने एक कदम आगे बढ़ते हुए यह भी ऐलान किया कि एसवाईएल को बनवाने के लिए यदि एक हजार करोड़ की जरूरत पड़ी तो सरकार यह भी व्यवस्था करेगी।