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चंडीगढ़: बेअंत सिंह मेमोरियल बनेगा क्लब, जज-आईएएस अधिकारी होंगे सदस्य

Sun, 11 Oct 2020 01:41 PM IST
ajay kumar रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स - फोटो : फाइल फोटो
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चंडीगढ़ प्रशासक वीपी सिंह बदनौर सेक्टर-42 के सरदार बेअंत सिंह मेमोरियल कांप्लेक्स को नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाना चाहते हैं। बदनौर इस मेमोरियल को क्लब बनाने की भी तैयारी कर रहे हैं, जिसके सदस्य चंडीगढ़ और पंजाब के वरिष्ठ अधिकारी, जज, सेना के पूर्व अधिकारी व अन्य होंगे। इस योजना को लेकर बनाई गई कार्यवाही समिति ने अपनी पहली ही बैठक में कई सवाल उठाए हैं। 

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बेअंत सिंह मेमोरियल को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर की तर्ज पर बनाने के लिए चंडीगढ़ ने 12 करोड़ जारी किए हैं, जबकि पंजाब सरकार ने इसके लिए 10 करोड़ दिए हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए एक गवर्निंग काउंसिल बनाई गई है, जिसके मुखिया पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर खुद हैं। उनके अलावा इसमें पंजाब के मुख्यमंत्री, उनके वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा व अन्य अधिकारी शामिल हैं। 

इस पूरे प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए एक कार्यवाही समिति भी बनाई गई है, जिसमें प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा चेयरमैन हैं और पंजाब के वित्त सचिव, सेक्रेटरी टू सीएम आदि सदस्य हैं। कार्यवाही समिति के बनने के बाद शुक्रवार को इसकी पहली बैठक का आयोजन किया गया। इसमें चर्चा की गई कि कैसे मेमोरियल को चलाने के लिए निजी हाथों में दिया जा सकता है। इस पर कार्यवाही समिति के अधिकारियों ने कहा कि कानूनी तौर पर इसमें कई पेंच हैं, जिन्हें सुलझाने की जरूरत है। सदस्यों को लेकर भी असमंजस है, इसलिए समिति अब यह भी देखेगी कि अगर मेमोरियल को क्लब बनाया जाता है तो इसके सदस्य कौन-कौन हो सकते हैं। इसके अलावा हरियाणा के अधिकारियों को भी इस योजना में शामिल करने की मांग की जा रही है।

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कुछ नामी लोगों ने क्लब को चलाने का रखा है प्रस्ताव

कोरोना की वजह से प्रशासक की यह महत्वाकांक्षी योजना लटक गई लेकिन अब फिर से इसे रफ्तार दी जा रही है। बदनौर की योजना के अनुसार इसके लिए बीते दिनों एक कमेटी भी बनाई गई, जिसमें चंडीगढ़ के कई मशहूर लोगों को शामिल किया गया था। उस कमेटी ने प्रशासन के सामने मेमोरियल को चलाने का प्रस्ताव रखा है। चूंकि, बेअंत सिंह मेमोरियल सरकारी जमीन पर बना है और भवन को बनाने में भी सरकारी पैसा खर्च किया गया है, इसलिए प्रशासक की तरफ से बनाई गई कार्यवाही समिति को इस पूरे मामले को अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कार्यवाही समिति के अध्ययन के बाद यह मुद्दा गवर्निंग काउंसिल में जाएगा, जहां आखिरी फैसला लिया जाएगा। 

मीडिया सेंटर को कैफेटेरिया में बदला जा रहा, जून 2021 में पूरा होगा काम
सेक्टर-42 का बेअंत सिंह मेमोरियल 12 एकड़ जमीन पर बना है। यहां पर एक बड़ी लाइब्रेरी, भवन, ओपन एयर थियेटर है। इसके अलावा यहां एक मीडिया सेंटर था, जिसे अब कैफेटेरिया के रूप में बदला जा रहा है, इसका काम जून 2021 में खत्म होगा। यहां नौ एकड़ जमीन पर मॉडर्न कल्चरल हब विकसित किया जाना है। इस जमीन पर कल्चर को और विस्तार दिया जाएगा। 

मौजूदा मेमोरियल स्ट्रक्चर, समाधि स्थल और लैंडस्केपिंग एरिया को बेहतर बनाया जाएगा। सेंटर में कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप, कल्चरल प्रेजेंटेशन, फूड प्वाइंट और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं होंगी। गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की याद में यह मेमोरियल बनाया गया था। बता दें कि कार में बम लगाकर बेअंत सिंह की हत्या कर दी गई थी। बेअंत सिंह साल 1992 से 1995 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रहे थे।
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