सांकेतिक धरने पर बैठे विभिन्न गांवों के सरपंच व ग्रामीण।
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करीब डेढ़ माह से ई-टेंडरिंग के विरोध में आंदोलन कर रहे सरपंचों को मनाने के लिए हरियाणा सरकार ने कवायद तेज कर दी है। सोमवार को दोपहर 12 बजे विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली की मौजूदगी में सरपंचों और सरकार के उच्च अधिकारियों के बीच बैठक होगी। चंडीगढ़ में हरियाणा निवास में होने वाली बैठक में सरंपच एसोसिएशन की ओर से प्रदेशाध्यक्ष रणबीर सिंह समैण समेत 25 सदस्य शामिल होंगे।
सरपंचों के आंदोलन के बीच यह अहम बैठक मानी जा रही है। अब तक सरकार ने सरपंचों के साथ कोई बैठक नहीं की थी। पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली और मुख्यमंत्री मनोहर लाल दोनों ही साफ कह चुके हैं कि बगैर बदलाव के ई-टेंडरिंग ग्राम पंचायतों के कार्यों में लागू रहेगी। विधानसभा के बजट सत्र में भी ई-टेंडरिंग का मामला गूंजा। साथ ही जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय चौटाला और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ समेत सत्ताधारी और विपक्षी विधायक सरपंचों के हकों की बात उठा चुके हैं। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए सरकार की तरफ से सरंपचों को बैठक के लिए चंडीगढ़ बुलाया गया है।
तीन दिसंबर को कार्यभार संभाला
हरियाणा में नई पंचायतों ने तीन दिसंबर को कार्यभार संभाला है। इसके बाद 19 जनवरी को सरकार ने आदेश जारी कर दिए कि पंचायतों में बिना टेंडर के केवल दो लाख रुपये तक के कार्य होंगे। इससे ऊपर की राशि के लिए ई-टेंडरिंग करानी होगी। सरपंच इसी का विरोध कर रहे हैं।
हरियाणा सरकार पंचायतों के अधिकारों को खत्म करने का काम कर रही है। यह कानूनी और सामाजिक दोनों तरीकों से गलत है। सरकार की तरफ से पहली बार बैठक के लिए बुलाया है। हमारी 25 सदस्यीय कमेटी सरकार के साथ बैठक करेगी। हमारी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन जारी रहेगा और एक मार्च को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। - रणबीर सिंह समैण, प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा सरपंच एसोसिएशन।