अबकी बार लोहड़ी का सेलिब्रेशन भी महंगा हो गया। जी हां, उपले की कीमत अब रोटी की कीमत से दोगुनी हो चुकी है।
रोटी की कीमत अब पांच रुपये है। दो साल पहले यही उपले दो-दो रुपये में उपलब्ध हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी कीमत 15 रुपये पहुंच गई है।
सेक्टर-45 के रहने वाले शगीर अहमद काका ने बताया भैंस को पालना ही अब आसान नहीं है। उपले तैयार करवाने में लेबर भी ज्यादा लगती है। वहीं, चारा भी महंगा हो चुका है। उपले बेचने वाले सेक्टर-45 के ही अनवर ने बताया कि चंडीगढ़ में भैंस को रखना मुश्किल है। इसीलिए उपले पंजाब से मंगवाए जाते हैं। इससे खर्च ज्यादा हो जाता है।
गजक भी कई वैरायटी की
गजक की वैरायटी कई हैं। इसमें रोल वाली गजक, तिल वाली गजक, पिस्ते वाली गजक की बाजार में डिमांड है। मुरादाबाद से चंडीगढ़ में लोहड़ी के मौके पर सेल के लिए आए सेक्टर-37 के शेर सिंह ने बताया कि तिल वाली गजक लोग यहां ज्यादा पसंद करते हैं। महेंद्र ने बताया कि लोहड़ी के मौके पर इस बार महंगाई ज्यादा है। चीनी और गुड़ के दाम के संग मेकिंग चार्ज भी बढ़ा है। इस वजह से रेट्स में अंतर आ गया है।
रेवड़ी-चीनी 150 रुपये किलो-175 रुपये किलो
रेवड़ी गुड़ -160 रुपये किलो-130 रुपये किलो
पिस्ता वाली गजक-240 रुपये किलो-200 रुपये किलो
गुड़ वाली गजक-160 रुपये किलो-120 रुपये किलो
मूंगफली--अस्सी रुपये किलो-70 रुपये किलो