भारत में पहली बार एयरफोर्स के किसी विमान को बायो फ्यूल के साथ उड़ाया गया। चंडीगढ़ का एयरफोर्स स्टेशन एक बड़ी घटना का गवाह बना। अब 26 जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस की परेड में भी बायो जेट फ्यूल के साथ एयरफोर्स का विमान फ्लाईपास्ट भी करेगा। चंडीगढ़ में एयरफोर्स व डीआरडीओ की इंजीनियरिंग टीम इस सफल उड़ान में सहयोगी बनी। दरअसल, यह प्रोजेक्ट इंडियन एयरफोर्स, डीआरडीओ, जनरल एरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस निदेशालय और सीएसआईआर- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम के सयुंक्त तत्वावधान में चल रहा है।
फिलहाल 10 फीसद बायो फ्यूल इस्तेमाल किया गया
चीफ ऑफ एयरफोर्स स्टाफ एयर मार्शल बीएस धनोआ ने 27 जुलाई 2018 को यह घोषणा की थी कि एयरफोर्स बायो जेट फ्यूल से उड़ने वाले विमान पर काम कर रहा है। इसी के चलते चंडीगढ़ में एयरफोर्स ने अपने ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एन- 32 को बायो जेट फ्यूल के साथ उड़ाया। अभी विमान में फिलहाल 10 फीसद बायो फ्यूल इस्तेमाल किया गया है। लेकिन भविष्य में विमान की निर्भरता बायो जेट फ्यूल पर ज्यादा बढ़ाई जाएगी।
इस बायो जेट फ्यूल को छत्तीसगढ़ बायो डीज़ल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा सीएसआईआर-आईआईपी देहरादून के सहयोग से जट्रोफा ऑयल से तैयार किया गया है। एयरफोर्स के एक आला अधिकारी ने बताया कि इस बायो जेट फ्यूल के प्रयोग से एयरक्राफ्ट के साथ पर्यावरण को भी बड़ा फायदा होगा और प्रदूषण में कमी आएगी।