वरिष्ठ नेता और अमृतसर लोकसभा सीट से अकाली-भाजपा के सांझे उम्मीदवार अरुण जेटली ने कहा है कि वे पाकिस्तान से अच्छे संबंधों के पक्ष में हैं लेकिन राष्ट्र की सुरक्षा की कीमत पर पाकिस्तान से व्यापार नहीं किया जा सकता।
अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में जेटली ने कहा कि पाकिस्तान और भारत में व्यापार बढ़े यह तो भाजपा भी चाहती है लेकिन देश की सुरक्षा की कीमत पर रिश्ते नहीं सुधारे जा सकते। हम झुककर कोई समझौता नहीं कर सकते।
तीखे सवाल और जेटली के जवाब
आप कांग्रेस उमीदवार कैप्टन अमरिंदर सिंह की तुलना में खुद को कैसे देखते हैं?
- हम दोनों अलग अलग व्यक्तित्व हैं। दोनों की सोच अलग है। दोनों का स्वभाव अलग है। दोनों अलग अलग जगह से हैं। मैं सोचता हूं कि मैं जीतने के लिए आया हूं और जीतूंगा।
क्या आपको लगता है नवजोत सिंह सिद्धू के चुनाव प्रचार में न आने से भाजपा को नुकसान हो रहा है?
- नहीं ऐसा नहीं है। उनके होने या न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। बाकी इसका निर्णय तो तब होगा जब चुनाव का रिज़ल्ट आएगा।
क्या आप अपनी जीत को लेकर घबराए हुए हैं?
आप ने चुनाव में अपनी विशेष टीम को प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है। क्या आप अपनी जीत को लेकर घबराए हुए हैं?
- मैं घबराया नहीं हूं। यह तो मेरी गुडविल है कि मेरे दोस्त और रिश्तेदार सभी चुनाव प्रचार के लिए आए हुए हैं। अमृतसर के भाजपा वर्कर भी चुनाव में पूरा साथ दे रहे हैं। मुझे अकाली दल का भी पूरा सहयोग मिल रहा है।
पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों में बहुत रोष है और भाजपा की कारगुजारी इतनी बेहतर नहीं रही। क्या यह बात आपके लिए चिंता का विषय है?
- यह चुनाव स्थानीय मुद्दों पर नहीं लड़ा जा रहा है। राष्ट्र के सामने बड़े मुद्दे हैं जैसे भारत की आर्थिक दुर्दशा को कैसे सुधारना है। राष्ट्र की सुरक्षा का मुद्दा है। रोज़गार के नए साधन कैसे जुटाने हैं। इस समय लोगों को लग रहा है कि भाजपा एक स्थिर सरकार देने की स्थिति में है। लोगों की नज़रें नरेंद्र मोदी पर हैं और मोदी की लहर नज़र आ रही है।
अमृतसर से बाहर नहीं जा पा रहे?
अमृतसर में चुनाव के चलते आप यहां से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। क्या आपको नहीं लगता कि आप भाजपा के राष्ट्रीय नेता होने के बावजूद देश के दूसरे हिस्सों में नही जा पा रहे?
- यह ठीक है कि अमृतसर में बिज़ी हूं लेकिन पहले भी दूसरे क्षेत्रों में जाता रहा हूं अब 30 अप्रैल के बाद फिर से जाना होगा।
पंजाब में ड्रग्स और बिगड़ रही क़ानून व्यवस्था के बारे में आपका क्या कहना है?
- जैसा मैंने पहले भी कहा है कि मेरा फोकस राष्ट्रीय मुद्दों पर है। ये सब बातें इस चुनाव में असर नहीं करेंगी।
आप के खिलाफ सबसे ज़्यादा कौन सी बात जाती है?
- ऐसा कुछ नहीं है जो मेरे विरुद्ध हो। मैं अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हूं। भाजपा एकजुट होकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाएगी।
सिद्धू के प्रचार न करने से विचलित नही हूं
जेटली से पूछा गया था कि अमृतसर चुनाव में पाकिस्तान के साथ व्यापार बढ़ाए
जाने का मुद्दा कांग्रेस भुना रही है तो भाजपा का क्या रवैया है। इस पर
उन्होंने ने कहा कि इस लोकसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे प्रभावी नहीं है।
यह चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है। जेटली इस बात से सहमत नहीं
हैं कि पंजाब में अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ लोगों का आक्रोश कोई मुद्दा
है।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ
लोगों में भारी गुस्सा है। इंटरव्यू के दौरान जेटली ने इस बात से भी इनकार
किया कि मौजूदा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की गैरहाजि़री से उनको नुकसान हो
रहा है।
सिद्धू नहीं आए, इसका कोई असर है या नहीं, इसका पता तो
चुनाव नतीजा देखकर ही चलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें अकाली दल से पूर्ण
सहयोग मिल रहा है। भाजपा के वर्कर जी जान से काम कर रहे हैं। हम जीतने के
लिए आए हैं और जीतकर जाएंगे।