हरियाणा की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी मनोहर लाल खट्टर सरकार के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने राज्य की जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है, लेकिन उन्होंने कोई खास टैक्स कटौती भी नहीं की है। महज चार चीजों में वैट से छूट देकर किनारा कर लिया है।
हालांकि, बजट में सतलुज-यमुना लिंक नहर का निर्माण कार्य शीघ्र करवाने और बीएमएल-हांसी-बुटाना ब्रांच बहुउददेश्यीय लिंक चैनल को जोड़ना सरकार की प्राथमिकता बताई गई है।
बिजली आपूर्ति को बढ़ाने के लिए पुरानी और अक्षम इकाइयों को बंद करके, उनकी जगह पानीपत में 800 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण, ग्रामीण विकास, शहरी स्थानीय निकाय और श्रम एवं रोजगार केलिए 27,291 करोड़ की राशि आबंटित की है।
कर्ज लेकर सरकार को सपने पूरे करने होंगे: सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए भी 1193 करोड़ राशि के आबंटन का प्रावधान किया है। सदन के पटल पर कैप्टन अभिमन्यु ने चालू वित्त वर्ष के 61,449 करोड़ के संशोधित बजट अनुमानों के मुकाबले कुल 69,140 करोड़ का बजट पेश किया है, जबकि नए वित्त वर्ष का राजस्व घाटा 9557 करोड़ है। पिछले वर्ष यह घाटा 9499 करोड़ था।
बजट से पहले दो श्वेत पत्र जारी कर चुकी भाजपा सरकार ने पुरानी सरकारों को कर्ज लेने के मामले में कटघरे में खड़ा किया था, लेकिन वर्तमान सरकार भी इससे अछूती नहीं रहेगी। 2014-15 में (स्टेट डेब्ट लॉयबिलिटी) कर्ज 81,836 करोड़ है, जो कि 2015-16 में 98,843 करोड़ दिखाया गया है। लिहाजा, 17,007 करोड़ का कर्ज लेकर सरकार को सपने पूरे करने होंगे।