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पढ़ें, हरियाणा के पहले 'मनोहर' बजट का सारांश

Wed, 18 Mar 2015 05:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में जुटी मनोहर लाल खट्टर सरकार के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने राज्य की जनता पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया है, लेकिन उन्होंने कोई खास टैक्स कटौती भी नहीं की है। महज चार चीजों में वैट से छूट देकर किनारा कर लिया है।
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हालांकि, बजट में सतलुज-यमुना लिंक नहर का निर्माण कार्य शीघ्र करवाने और बीएमएल-हांसी-बुटाना ब्रांच बहुउददेश्यीय लिंक चैनल को जोड़ना सरकार की प्राथमिकता बताई गई है।

बिजली आपूर्ति को बढ़ाने के लिए पुरानी और अक्षम इकाइयों को बंद करके, उनकी जगह पानीपत में 800 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण, ग्रामीण विकास, शहरी स्थानीय निकाय और श्रम एवं रोजगार केलिए 27,291 करोड़ की राशि आबंटित की है।
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कर्ज लेकर सरकार को सपने पूरे करने होंगे: सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए भी 1193 करोड़ राशि के आबंटन का प्रावधान किया है। सदन के पटल पर कैप्टन अभिमन्यु ने चालू वित्त वर्ष के 61,449 करोड़ के संशोधित बजट अनुमानों के मुकाबले कुल 69,140 करोड़ का बजट पेश किया है, जबकि नए वित्त वर्ष का राजस्व घाटा 9557 करोड़ है। पिछले वर्ष यह घाटा 9499 करोड़ था।

बजट से पहले दो श्वेत पत्र जारी कर चुकी भाजपा सरकार ने पुरानी सरकारों को कर्ज लेने के मामले में कटघरे में खड़ा किया था, लेकिन वर्तमान सरकार भी इससे अछूती नहीं रहेगी। 2014-15 में (स्टेट डेब्ट लॉयबिलिटी) कर्ज 81,836 करोड़ है, जो कि 2015-16 में 98,843 करोड़ दिखाया गया है। लिहाजा, 17,007 करोड़ का कर्ज लेकर सरकार को सपने पूरे करने होंगे।
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जैविक खादों पर वैट खत्म कर

फसल विविधिकरण और जैविक खेती को बढ़ावा देने के नाम पर सरकार ने जैविक खादों पर वैट खत्म कर दिया है। आम आदमी के घर में इस्तेमाल होने वाली एलईडी लाइट, पाइप फिटिंग और प्री-फेव स्टील स्ट्रक्चर के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए इन पर वैट की दर घटाकर पांच प्रतिशत कर दी है।

वित्त मंत्री का दावा है कि इससे सरकार पर सालाना 21 करोड़ का बोझ पड़ेगा। बजट में भाजपा सरकार ने पूर्व घेषित पांच नई योजनाओं को लागू करने की इच्छा जताई है, लेकिन इन योजनाओं के अलग से बजट का प्रावधान नहीं किया गया है।

घाटे का बजट पेश
वित्त मंत्री ने 9,557 करोड़ 52 लाख रुपये के संभावित राजस्व घाटे का बजट पेश किया है, जबकि पूर्व की हुड्डा सरकार ने अंतिम बजट 9499 का पेश किया था। यह दावा भी किया था कि 31 मार्च 2015 को खत्म होने वाले वित्त वर्ष में इस घाटे को कम किया जाएगा।

भाजपा के प्लान बजट में 1278 करोड़ की बढ़ोतरी
खजाना खाली होने के बावजूद भाजपा ने प्लान बजट में 1278 करोड़ 7 लाख रुपये की बढ़ोतरी की है। हुड्डा सरकार ने 2014-15 में अपना आखिरी प्लान बजट 32 हजार 731 करोड़ 29 लाख रुपये का पेश किया था। इसके मुकाबले खट्टर सरकार ने 34 हजार 9 करोड़ 35 लाख रुपये का प्लान बजट पेश किया है।

विभागों के लिए 25 हजार करोड़
बजट में विभागों के लिए कुल 25 हजार 743 करोड़ 46 लाख रुपये की योजना है, जबकि राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए 7 हजार 467 करोड़ 50 लाख रुपये और शहरी स्थानीय निकायों के लिए 798 करोड़ 39 लाख रुपये का बजट भी शामिल है। प्रदेश सरकार के कुल बजट में 5 हजार 106 करोड़ 21 लाख रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है।
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