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राफेल: इस वजह से बढ़ गईं थी वायुसेना अधिकारियों की धड़कनें, प्लान बी किया गया था तैयार

Wed, 29 Jul 2020 07:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला (हरियाणा)
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राफेल विमानों के साथ दो सुखोई विमान (पीछे की ओर) - फोटो : twitter.com/IAF_MCC
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मौसम के उतार चढ़ाव के बीच राफेल की लैंडिंग होने तक न केवल एयरफोर्स अधिकारियों बल्कि अंबाला प्रशासन की भी सांसे अटकी रही। मौसम विभाग का पूर्वानुमान भी सच होता नजर आने लगा था। सुबह की शुरूआत सूर्यदेव के साथ हुई लेकिन सुबह साढ़े नौ बजते ही मौसम ने करवटें लेना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आकाश में काली घटाएं छा गई। इधर, मौसम करवटें ले रहा था उधर सभी की धड़कने तेज हो रही थी। मौसम के मिजाज के साथ इंडियन एयरफोर्स ने प्लान बी की रणनीति भी बनाई थी। लेकिन इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी

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क्या था प्लान बी
दरअसल, अंबाला में मौसम विभाग ने बुधवार को बारिश की संभावनाएं व्यक्त की थी। इसीलिए इंडियन एयरफोर्स से प्लान बी के तहत राजस्थान के जोधपुर एयरबेस को स्टैंडबाई पॉजिशिन में रखा था। बारिश होती तो सभी लड़ाकू विमानों को वहीं पर लैंड करवाया जाता।


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राफेल उतरते ही छाए बादल
सुबह करीब 11 बजे बादल छट गए और एक बार फिर से आकाश में धूप निकल गई। धूप इतनी तेज थी कि एक-एक पल काटना कर्मचारियों व अन्य लोग जोकि खुले आकाश तले राफेल का इंतजार कर रहे थे सभी के लिए जटिल हो गया। दोपहर बाद करीब सवा तीन बजे जैसे ही राफेल की लैंडिंग हुई फिर से बादल छा गए।

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