चंडीगढ़ में डिस्कोथेक और क्लबों के बाहर लगातार दो दिन गोलियां चलने से पुलिस व चंडीगढ़ प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहरवासियों का कहना है कि डिस्कोथेक और क्लब अपराधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। हथियार लेकर अपराधी क्लबों में दाखिल हो रहे हैं, उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं है।
शहर में अब तक जितनी भी बड़ी वारदातें हुई हैं, सब बाहर के लोगों ने की हैं। इससे साफ है कि अपराधियों में पुलिस का भय खत्म हो चुका है। पुलिस की ओर से कोई चेकिंग व सुरक्षा नहीं है। डिस्को का कोई समय तय नहीं है। रात दो बजे तक डिस्को खुले रहते हैं। ऐसा लगता है कि इन क्लबों के सामने पुलिस व चंडीगढ़ प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं।
पुलिस की लापरवाही से बढ़ी गुंडागर्दी
गुंडे, बदमाशों में पुलिस का भय खत्म हो चुका है। डिस्को में कौन आ रहा है। कितने लोग आ रहे हैं, उसकी कोई जांच नहीं करता। इन क्लबों में आने वाले लोगों की संख्या तय होनी चाहिए। पुलिस का सख्त पहरा होना चाहिए। जिन क्लबों में कमियां नजर आती हैं, उनके लाइसेंस रद्द कर देने चाहिए।
- शिशुपाल, जनरल सेक्रेटरी, आप
रात में निकलने पर लगता है डर
चंडीगढ़ का माहौल इतना खराब हो चुका है कि अब रात के वक्त बाहर निकलने में डर लगता है। रात दो बजे तक क्लब खुले रहते हैं। कोई पूछने वाला नहीं है। इन क्लबों में बड़ी संख्या में युवा नशा करने के लिए आते हैं। उस पर भी अब तक रोक नहीं लग पाई है। अब इन क्लबों में लोग बिना मास्क भीड़ में जुट रहे हैं, उस पर भी सख्ती नहीं बरती जा रही।
- परमजीत, व्यापारी सेक्टर-23
एसएसपी स्तर के अधिकारी मारे छापा
इसमें कोई शक नहीं कि ये क्लब अपराधियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बन गए हैं। सख्ती नहीं होने की वजह से पंजाब व हरियाणा के अपराधी आसानी से क्लब में आते हैं। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए कांस्टेबल स्तर के पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी है लेकिन यह उनके बस की बात नहीं। एसएसपी व डीजीपी को खुद इन क्लबों में छापा मारना चाहिए और लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर, चंडीगढ़
अब परिवार के साथ शहर में निकलना खतरनाक
चंडीगढ़ में इन क्लबों ने अराजकता फैलाई हुई है। देर रात तक इन क्लबों में लड़के-लड़कियों का हुजूम रहता है। रात में क्लब के बंद होने का कोई समय तय नहीं है। कोई दो बजे तक खुला है तो कोई डेढ़ बजे तक। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी होगी, वरना चंडीगढ़ को दिल्ली-गुरुग्राम बनते देर नहीं लगेगी। आज से दस साल पहले चंडीगढ़ शांत शहर माना जाता था, लेकिन अब यहां रात में परिवार के साथ जाने वाला नहीं रह गया है।
- संजय बोथरा, व्यापारी, सेक्टर-18
क्लबों में अपराधी किस्म के लोगों की एंट्री बंद हो
यह मुद्दा कई बार पुलिस के सामने उठ चुका है कि क्लब को इतनी देर तक मत खोला जाए लेकिन फिर भी अभी तक कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। यदि देर तक क्लब को खोलना ही है तो पुलिस और डिस्को संचालकों को सुरक्षा व्यवस्था सख्त करनी होगी। किसी भी अपराधी की एंट्री नहीं होनी चाहिए और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि इससे दूसरे क्लबों पर भी एक कड़ा संदेश जाए।
- हितेश पुरी, चेयरमैन, क्राफ्ड