कुराली। सील की गईं अवैध पटाखे की दुकानें रविवार सुबह रोजाना की तरफ खुल गईं। लोगों ने दुकानों के ताले तोड़े या चाबियां वापस की गईं इस बारे में कोई कुछ नहीं बोल रहा है। कुछ लोगों के अनुसार प्रशासन की यह कार्रवाई केवल ड्रामा साबित हुई है। शनिवार शाम को एसडीएम खरड़ ने बिना लाइसेंस वाली करीब 50 दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था। नगर परिषद के कर्मचारियों ने ताले लगाए थे। प्रशासन की टीम की कार्रवाई के कुछ ही घंटों के भीतर मोरिंडा और बडाली रोड पर अवैध आतिशबाजी का बाजार आम दिनों की तरह खुल गया। शहर में लगभग 30 के पास लाइसेंस होने के बावजूद 300 से ज्यादा जगह आतिशबाजी की दुकानें चल रहीं हैं। आतिशबाजी के भंडारण को लेकर भी नियमों की
धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। आतिशबाजी की दुकानें रिहायशी कॉलोनियों, पावरकॉम, रेलवे पावर ग्रिड और स्कूलों के बिल्कुल पास चल रहीं हैं। आतिशबाजी के अवैध भंडारण और व्यापार को लेकर डिप्टी कमिश्नर मोहाली को ज्ञापन सौंपने के अलावा भारतीय किसान यूनियन ने शहर में विरोध प्रदर्शन भी किया है। प्रशासन आतिशबाजी के भंडारण और व्यापार को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों और नियमों को लागू करवाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी रजनीश सूद ने कहा कि उन्होंने सील की दुकानों की चाबियां वापस नहीं की हैं। उन्होंने दुकानों को दोबारा खोलने के बारे में अज्ञानता प्रगट की। थाना सिटी के एसएचओ गौरव वंश सिंह ने कहा कि उन्हें किसी भी प्रशासनिक अधिकारी से कार्रवाई करने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं, जबकि वह कानून व्यवस्था की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।