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दीवाली के बाद अब शादी-विवाह में आतिशबाजी पर भी लग सकती है रोक

Sun, 29 Oct 2017 09:05 AM IST
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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शादी-विवाह के दौरान बारात में होने वाली आतिशबाजी पर पूरी तरह रोक लग सक ती है। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने इसके संकेत दिए हैं। इस दिवाली दिल्ली में पटाखो की बिक्री पर जहां सुप्रीमकोर्ट ने पूरी तरह रोक लगाई थी। वहीं, इस फै सले का असर  सिटी ब्यूटीफुल में भी देखने को मिला।
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पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद संज्ञान लेते चंडीगढ़ प्रशासन को पटाखे के लाइसेंस जारी करने में सख्ती की। इसके चलते शहर में इस बार दिवाली पर यूटी प्रशासन द्वारा मात्र 20 प्रतिशत ही पटाखा विक्रेताओं को लाइसेंस जारी किए गए। मात्र 96 लोगों को लाइसेंस जारी किए गए थे। इसके अलावा यूटी प्रशासन ने इस दिवाली पटाखे जलाने के समय भी निर्धारित किया था। इस दिवाली शाम 6.30 से 9.30 बजे के बीच ही पटाखे जलाने की अनुमति दी गई थी।

पटाखाें के जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अगली सुनवाई एक नवंबर को है। इस सुनवाई पर शादी-विवाह आदि समारोह पर पटाखो के चलाने पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर  भी एमिक्स क्यूरी की ओर से यह प्रस्ताव रखा जाएगा। 
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पटाखों पर पूरी तरह बैन, डीसी ने लगाई धारा-144
डीसी अजित बालाजी जोशी ने पटाखों की मैन्यूफैक्चरिंग, बिक्री और चलाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। डीसी ने इस संदर्भ में आर्डर जारी कर पूरी शहर में धारा-144 लागू की है। आर्डर के मुताबिक धारा-144 1 नवंबर 2017 तक लागू रहेगी। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए ये आर्डर जारी किए गए है। अगर कोई भी इन आदेशों की अवहेलना करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन को पटाखों की बिक्री से मिला 7.25 लाख जीएसटी
यूटी प्रशासन द्वारा 96 लोगों को इस बार पटाखो के लाइसेंस जारी किए गए थे। पटाखों की बिक्री व चलाने पर हाईकोर्ट की सख्ती के कारण पटाखा विक्रेताओं की इस बार सेल में गिरावट दर्ज की गई। जिसके चलते पटाखों की बिक्री से प्रशासन को टैक्स रूपी राजस्व की होने वाली आमदनी पर भी असर पड़ा। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट से मिली जानकारी के अनुसार यूटी प्रशासन को पटाखो की बिक्री से इस बार जीएसटी के रूप में केवल 7.25 लाख रुपये राजस्व के रूप में मिले।

शादी आदि समारोह पर भी पटाखे जलाने पर बैन लगाए जाने को लेकर बेंच के समक्ष प्रस्ताव रखा गया है, इसका फैसला अगली सुनवाई पर होगा। 
-अनुपम गुप्ता, एमिक्स क्यूरी एवं सीनियर एडवोकेट
 
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