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डंपिग ग्राउंड में 24 घंटे बाद भी सुलगती रही आग

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माई सिटी रिपोर्टर
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चंडीगढ़। डंपिंग ग्राउंड में 24 घंटे बाद भी आग सुलगती रही। बुधवार शाम 5 बजे तक किसी तरह धुंए पर काबू पाया जा सका। हालांकि, उसके बावजूद धुआं उठता रहा। आग लगने के बाद दो बड़े फायर टेंडर व आठ छोटी गाड़ियां लगातार डंपिंग ग्राउंड पर पानी पहुंचाती रहीं। 24 घंटे में गाड़ियों ने लगभग 55 से 60 चक्कर लगा दिए।
डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में मंगलवार की शाम अचानक भीषण आग लग गई थी। आग लगते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग को विकराल रूप लेते देखकर मामले की सूचना दमकल विभाग को दी गई। सूचना पर दमकल विभाग की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने के लिए सेक्टर-11, 17, 38 व 32 के दमकल ऑफिस से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं। आग इतनी ज्यादा फैल गई थी कि इस पर काबू पाने में 24 घंटे से ज्यादा का समय लग गया। प्लास्टिक व सूखा कचरा होने के कारण आग धधकती रही। इस दौरान हवा का रुख बार-बार बदलने की वजह से फायर कर्मियों को और भी मशक्कत करनी पड़ी। धुएं के कारण मटका चौक तक लोगों को समस्या होती रही।
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इतनी भीषण आग पहले कभी नहीं देखी
स्थानीय निवासी दयाल कृष्ण का कहना है कि इतनी भीषण आग कभी नहीं देखी। पहले भी आग लगती थी, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कुछ ही देर में आग पर काबू पा लेती थीं। इस बार 24 घंटे से ज्यादा हो गया, लेकिन धुएं से जीना मुश्किल हो गया है। खिड़की दरवाजे बंद करने के बावजूद घर के अंदर राख उड़कर आ रही है। गंदगी से उठी राख खाने में गई तो बीमारियों का खतरा पैदा हो जाएगा।
कई एसोसिएशन के पदाधिकारी भी पहुंचे डड्डूमाजरा
आग लगने की सूचना के बाद कई एसोसिएशन के पदाधिकारी भी डड्डूमाजरा पहुंचे। डंपिंग ग्राउंड जॉइंट एक्शन कमेटी के साथ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन में बलजिंदर बिट्टू, मेजर डीपी सिंह, विनोद वशिष्ठ सहित कई अन्य लोग क्षेत्र में निरीक्षण करने पहुंचे। कमेटी के अध्यक्ष दयाल कृष्ण ने कहा कि रोजाना डंपिंग ग्राउंड में कचरा गिराया जा रहा है। इससे समस्या और बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि आग लगने के कारणों की जांच होनी चाहिए। कहीं, कचरा कम करने के लिए तो आग नहीं लगाई जाती।
लोगों से बातचीत..
कहने को है पॉश और एडवांस सेक्टर
डंपिंग ग्राउंड में आग के बाद उठे धुएं से घर में धुआं-धुआं हो गया। कहने भर को है कि सेक्टर 38 वेस्ट पॉश और एडवांस है। दोपहर में भी घर में धुआं धुआं जैसा लग रहा था। करोड़ों रुपये लगाकर लोग फ्लैट खरीदे हैं। क्या इसी दिन के लिए। प्रशासन, नगर निगम के अधिकारियों और पार्षदों को समझ में नहीं आ रहा है। क्या सभी मसला धरना और प्रदर्शन से सुलझेगा।
-आनंद सिंह, प्रधान सोशल रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन 38 वेस्ट
रात में लगा कि सेक्टर में सैनिटाइजेशन हो रहा
रात में खाना खाने के बाद जब घर से बाहर निकला तो ऐसा लगा कि सैनिटाइजेशन किया जा रहा हो। आसपास जब गाड़ी की आवाज का पता नहीं चला तो शक हुआ। बाद में पता चला कि डंपिंग ग्राउंड में लगी आग का धुआं और बदबू है। लोगों की जीना मुहाल हो गया है। प्रशासन हाथ पर हाथ रख कर बैठा है। सिटी ब्यूटीफुल नाम का मतलब ही खराब कर दिया गया है।
-जेपी यादव, प्रधान, रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी, सेक्टर 37 ए
सेक्टर में बहुत लोगों को खांसी होने लगी
डंपिंग ग्राउंड के आसपास के लोग बहुत परेशान हैं। यह सब प्रशासन और नगर निगम की नाकामी है। हमें गैस चैंबर में धकेला जा रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग खांस रहे हैं। यह कब तक चलेगा। लोगों की परेशानी समझने को कोई तैयार नहीं है। कोई अधिक बीमार हो जाए तो कितनी मुश्किल होगी। इसे यहां के प्रशासन को समझना चाहिए।
वीएन शर्मा, प्रधान, फेडरेशन ऑफ सोशल वेलफेयर एसोसिएशन
प्रशासक और सलाहकार से समय मांगा
अब बहुत हो गया। डंपिंग ग्राउंड के साथ लगते लोगों को लगता है कि प्रशासन और नगर निगम गैस चैंबर में धकेलने जा रहा है। हम सभी बहुत परेशानी में हैं। चंडीगढ़ के प्रशासक और एडवाइजर से समय मांगा है। उनसे साफ बात करनी है कि यदि समस्या का समाधान करना है तो ठीक, नहीं तो इस एरिया के लोग मिलकर डंपिंग ग्राउंड में गाड़ियां नहीं जाने देंगे।
-जगजीत सिंह कंग, पूर्व पार्षद
दुर्गंध और धुएं ने जीना मुहाल किया
सांस में तकलीफ और गले में खरास की शिकायतें पूरा दिन मिलती रहीं। सांस के बीमारी वालों के लिए बहुत ही संकट का समय है। प्रशासन और नगर निगम का बर्ताव ठीक नहीं है। डंपिंग ग्राउंड की दुर्गंध से पहले ही लोग परेशान हैं, अब आग लगने से परेशानी अधिक बढ़ गई है।
-दयाल कृष्ण, अध्यक्ष डंपिंग ग्राउंड ज्वाइंट एक्शन कमेटी
जबरदस्ती शरीर में जहर भरा जा रहा
कल से गला पका है। शरीर टूट रहा है। धुआं के कारण सुबह सैर नहीं कर पाया। एक सौ मीटर भी नहीं चल पाया। स्टीम से काम चला रहे हैं। धुएं के कारण खिड़कियां बंद रखी हैं। सरकार के बड़े अधिकारी यहां आकर रहें फिर पता चले। हमारे शरीर में जबरदस्ती जहर भरा जा रहा है। लगता है कि हमने घर लेकर गुनाह किया है।
पंकज गुप्ता, 38 वेस्ट
प्रशासन अपनी जिम्मेदारी समझे
हम सभी लोग भी इसी शहर के निवासी हैं। सभी टैक्स देते हैं। सभी नियमों का पालन करते हैं। हमें भी संविधान ने जीने का अधिकार दिया है। यदि हमारे जीवन से कोई खिलवाड़ करता है तो सरकार कानूनी कार्रवाई करती है। प्रशासन कार्रवाई करे क्योंकि हमारा जीवन डंपिंग ग्राउंड के कारण खतरे में है। धुएं से हालत बुरी हो रही है।
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-जेएस घुम्मन, महासचिव, फोसवा, सेक्टर 39
दुर्गंध से परेशानी, किसको सुनाएं
रहना मुश्किल हो गया है। जब से डंपिंग ग्राउंड बना है। हम गांव के लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। ऐसा नहीं लगता है कि हम चंडीगढ़ का हिस्सा हैं। प्रशासन ने हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। इस पर प्रशासन गंभीरता से सोचे। रोज रोज की मुसीबत से हमें छुटकारा मिलना चाहिए।
-कुलदीप सिंह, निवासी, गांव डडडूमाजरा
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