वहीं शनिवार को ही संगरूर के लहरागागा और भवानीगढ़ इलाके में आग लगने से 9 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। इसके अलावा सैकड़ों एकड़ नाड़ भी आग की भेंट चढ़ गई। लहरागागा के गांव रत्ता खेड़ा, डसका और हरियाऊ में आग लगने से आठ एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जल गई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से आग पर मुश्किल से काबू पाया गया। गांव डसका के सरपंच नवजोत सिंह ने बताया कि आग लगने की वजह का पता नहीं चल पाया। उन्होंने सरकार व प्रशासन से मांग की कि पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाए ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
इसी तरह भवानीगढ़ के गांव माझा में आग लगने से किसान प्रगट सिंह की एक एकड़ में पकी गेहूं की फसल जल गई। प्रगट सिंह ने ठेके पर जमीन लेकर फसल की बिजाई की थी।
इसके अलावा किसान जसदेव सिंह, सहदेव सिंह, दविंद सिंह, बलदेव सिंह और शमशेर सिंह की तीन एकड़ नाड़ जल गई किसानों ने रोष जाहिर करते कहा कि भवानीगढ़ सब डिवीजन बनने के बावजूद यहां फायर स्टेशन स्थापित नहीं किया गया। ऐसे में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही डीएसपी सुखराज और थाना भवानीगढ़ के प्रभारी प्रितपाल सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
पटियाला के समाना के गांव नगरी में शनिवार को 15 एकड़ गेहूं की फसल और 100 एकड़ नाड़ जल गई। वहीं गांव मलकाना पती में ढाई एकड़ गेहूं की फसल और पांच एकड़ नाड़ आग की भेंट चढ़ गई। फायर ब्रिगेड़ कर्मचारियों ने बड़ी मशक्कत से लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। गांव नगरी में शनिवार सुबह अचानक गेहूं की फसल और नाड़ में आग लग गई।
गांव वालों ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड़ को दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती, इससे पहले ही गांव वालों ने अपने स्तर पर आग बुझाना शुरू कर दिया। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक 15 एकड़ पर लगी फसलें और 100 एकड़ पर नाड़ जल गई। पीड़ित किसानों ने सरकार से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग की है।