कस्बा लौंगोवाल में शनिवार को 22 साल पुरानी एक निजी स्कूल की वैन उस समय बर्निंग वैन बन गई, जब वह बच्चों को छुट्टी के बाद घर छोड़ने जा रही थी। इस हादसे में चार मासूम जिंदा जल गए। इनमें तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है। वैन में कुल 12 बच्चे सवार थे। हादसे से गुस्साए लोगों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि यह वैन दो दिन पहले ही कबाड़ी से खरीदी गई थी और इसका रजिस्ट्रेशन तक नहीं कराया गया था। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
सभी बच्चों की आयु चार से पांच साल के बीच है। इनमें से आठ बच्चों को सही सलामत बचा लिया गया। लौंगोवाल कस्बे के सिद्धू रोड पर स्थित सिमरन पब्लिक स्कूल में पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों को घर छोड़ने जा रही स्कूल वैन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते तेज लपटों ने वैन को चपेट में ले लिया, लेकिन ड्राइवर को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्योंकि आग की लपटें वैन के किसी निचले हिस्से से शुरू हुई। जब तक ड्राइवर वैन को रोकता तब तक आग की लपटों ने गाड़ी को पूरी तरह से चपेट में ले लिया।
वैन में लपटें उठती देख सड़क के साथ लगते खेतों में काम रहे मजदूर और ग्रामीण दौड़कर पहुंचे। उन्होंने ड्राइवर और आठ बच्चों को वैन से बाहर निकाला। लोगों ने मिट्टी डालकर आग को बुझाने की कोशिश की। लेकिन हादसे में अराध्या पुत्री सतपाल, कमलप्रीत सिंह पुत्र जगसीर सिंह, नवजोत कौर पुत्री जसवीर सिंह और सिमरनजोत कौर पुत्री कुलविंदर सिंह जिंदा जल गए। एसएचओ ने बताया कि मृतक बच्चों के परिजनों की तो जैसे दुनिया ही उजड़ गई। उनका रो रोकर बुरा हाल है। एसएसपी डा. संदीप गर्ग ने कहा कि स्कूल प्रबंधकों, प्रिंसिपल और ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जो भी आरोपी होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने इस मामले में वैन चालक, स्कूल प्रिंसिपल और प्रबंधकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की जांच चल रही है।
- घनश्याम थोरी, डीसी संगरूर