चंडीगढ़। सेक्टर-37/24 डिवाइडिंग रोड पर रविवार रात चलती वरना कार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसे में कार सवार पंजाब पुलिस के मुलाजिम और उनके एनआरआई भाई बाल-बाल बच गए। दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। नहीं तो पूरी कार जलकर राख हो जाती। सूचना मिलने के बाद डीएसपी साउथ जसविंदर सिंह, डीएसपी ट्रैफिक, ट्रैफिक पुलिस, पीसीआर और
एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची।
डीएसपी जसविंदर सिंह ने बताया कि पीबी-11 नंबर की वरना कार के बोनट के नीचे अचानक आग लग गई। कार सवारों को आग लगने के बारे में नहीं पता चला। इस दौरान सड़क से गुजर रही पंजाब पुलिस की गाड़ी में सवार मुलाजिमों ने वरना कार सवारों को आग की जानकारी दी। इसके बाद वह तुरंत कार से बाहर निकले। गनीमत रही कि समय रहते कार सवारों को आग का पता चल गया, नहीं तो आग इंजन में फैलकर ब्लास्ट कर सकती थी जिससे जानी नुकसान हो सकता था। अनिता ने बताया कि कार में दो भाई सवार थे। कार सवार व्यक्ति शुक्रवार को ही कनाडा से
वापस आए थे। वह शॉपिंग करने के लिए चंडीगढ़ आए थे। कार में रमनदीप और सुखदीप सवार थे।
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पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनियर असिस्टेंट आग बुझाने के लिए वाहन चालकों को रोककर मांगती रहीं पानी की बोतलें
सेक्टर- 24 निवासी अनिता शर्मा ने बताया कि वह पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनियर असिस्टेंट है। वह अपनी 16 साल की बेटी के साथ सैर कर रही थी। कार में आग लगी देख उन्होंने ही 112 नंबर पर कॉल कर दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद वह वाहन चालकों को आग लगने वाली कार के पास आने से रोकने का प्रयास करती रही, लेकिन कोई व्यक्ति उनकी बात सुनने को तैयार नहीं था। लोग जान को जोखिम डालकर निकलते रहे। बोनट का लॉक आग से पिंगल गया था और बोनट खुल नहीं रहा था।
वह लोगों की कार रुकवाकर पानी की बोतलें मांग आग बुझाने की कोशिश करती रही, लेकिन आग बोनट के अंदर थी, जिस कारण से आग बुझ नहीं रही थी। अनिता ने बताया कि कुछ ही लोग मदद के लिए रुके। इसके बाद उन्होंने अपने सर्वेंट को कॉल कर सेक्टर- 24 से पानी मंगवाया। सड़क से एक नगर निगम का पानी का टैंकर निकल रहा था, उन्होंने उनसे भी मदद मांगी, लेकिन टैंकर में पानी नहीं था।
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कार में आग लग जाए तो हेड रेस्ट से शीशे तोड़कर निकलें बाहर
डीएसपी साउथ जसविंदर सिंह ने कार सवारों से पूछा कि अगर पूरी कार में आग फैल जाती तो कैसे बाहर आते। इस पर उन्होंने डीएसपी ने कहा कि दरवाजे पर लात मार कर तोड़ देते। डीएसपी ने कहा कि लात मारकर तोड़ने में काफी समय लग सकता है और यह भी कन्फर्म नहीं कि दरवाजा टूटेगा या फिर नहीं। इस पर डीएसपी ने कहा कि ऐसी स्थिति में हेड रेस्ट का उपयोग करें। हेड रेस्ट का एक हिस्सा कार की सीट के अंदर होता है जो नुकीला होता है। इस नुकीले हिस्से से अगर कार के शीशे पर चोट की जाए तो शीशा तुरंत टूट जाता है। इसके बाद आसानी से दरवाजा खोलकर कार सवार बाहर आ सकते हैं।