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चंडीगढ़ अग्निकांड: मौत दिखी, मगर कूद न पाए जांबाज

Tue, 10 Jun 2014 05:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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जीएमएसएच-16 में दाखिल घायल रघुवीर सिंह, जतिंदर दहिया, शेखर और सचिन अपनी जान पर खेलकर आग को बुझाने में जुटे हुए थे। अमर उजाला से बातचीत में सचिन ने बताया पहले वे बेसमेंट पर आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे।
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आग की लपटे कम होने के बजाए बढ़ती जा रही थीं। धीरे-धीरे लपटे बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गई। कुछ लोग नीचे रुक गए और सचिन, अमनदीप व दो अन्य व्यक्ति पहली मंजिल में पहुंच गए। पहली मंजिल में हालत की स्थिति काफी खराब थी।

धुआं ऊपर की ओर आगे बढ़ रहा था। इस कारण कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। पानी डालने से धुआं और बढ़ता जा रहा था। हमारी कोशिश थी कि स्पॉट को ढूंढ कर उस पर पानी फेंका जाए।
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खतरा भांप गए लेकिन कूद नहीं पाए

जान की परवाह किए बिना अमनदीप और सचिन आगे बढ़ हे थे। काफी कोशिश की गई, लेकिन स्पॉट नहीं मिला। धुआं, आग की लपटें और गर्मी से सभी की हालत काफी खराब हो गई थी। इतने में कुछ गिरने की आवाज आई।

धुआं काफी था, इसलिए कोई देख नहीं पाया। सचिन व अन्य लोगों को आभास हो गया था कि बिल्डिंग गिरने वाली है। यह खतरा अमनदीप भी भांप गया था। सचिन ने तत्परता दिखाते हुए बाहर की ओर छलांग लगा दी। अमनदीप ने भी छलांग लगाने की कोशिश की, लेकिन वह कूद नहीं पाया और बिल्डिंग के नीचे आ गया।

सचिन के मुताबिक ,अमनदीप के साथ एक व्यक्ति और भी था, जो बाहर नहीं निकल पाया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शख्स रविंदर होगा। उन्होंने बताया कि अमनदीप काफी तत्परता से आग बुझाने का काम कर रहा था।

उसे नहीं मालूम था कि जो शख्स उनके साथ खड़ा था, वह कुछ मिनट बाद उनका साथ छोड़कर चला जाएगा। उन्हें साथी अमनदीप के खोने का काफी गम है।
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