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PGI के लिवर आईसीयू में लगी आग, अफरा-तफरी में मरीजों को किया शिफ्ट

Tue, 22 Nov 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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PGI के लिवर आईसीयू में लगी आग - फोटो : अमर उजाला
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पीजीआई के लिवर आईसीयू के डॉक्टर चेंजिंग रूम में सोमवार शाम आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग लगने से रूम का कंप्यूटर, एसेसरीज, पंखा और अन्य सामान जलकर राख हो गए है। सूचना मिलते ही पीजीआई की फायर सेफ्टी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। यदि फायर सेफ्टी टीम जल्द न पहुंचती तो पीजीआई में भी भुवनेश्वर जैसा हादसा हो सकता था, वहां एक माह पूर्व एक अस्पताल में आग लगने से 22 मरीजों की मौत हो गई थी।
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पीजीआई की फायर सेफ्टी टीम के कर्मचारियों ने सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर आईसीयू के सभी पेशेंट को वहां से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। आग लगने से गैलरी में धुआं फैल गया था। धुएं को बाहर निकालने के लिए गैलरी के शीशे तोड़े गए। पीजीआई ने आग का प्राथमिक कारण शार्ट सर्किट बताया है। 
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लापरवाही का आलम दो माह में तीसरी बार लिवर आईसीयू में लगी आग

चंडीगढ़ का पीजीआई अस्पताल - फोटो : PTI
पीजीआई के नेहरू हॉस्पिटल में दूसरे फ्लोर पर लिवर आईसीयू है। इसके सी ब्लॉक में डॉक्टर्स का चेंजिंग रूम बना हुआ है। सोमवार शाम को पौने छह बजे कमरे से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते पूरे आईसीयू में धुएं का गुबार फैल गया। सिक्योरिटी गार्ड ने पीजीआई की फायर सेफ्टी टीम को सूचना दी। कर्मचारी तत्काल पहुंचे और कमरे के अंदर घुसकर आग बुझाई। आग लगने से लिवर आईसीयू में भर्ती पेशेंट घबरा गए। उनके परिजन अपने-अपने पेशेंट को निकालने लगे।

पीजीआई के फायर अफसर राजेश कुमार ने बताया है कि किसी भी पेशेंट को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। आग सिर्फ कमरे तक सीमित थी। जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि आग का मुख्य कारण क्या था। आग की सूचना मिलने पर चंडीगढ़ प्रशासन के फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी।

दो महीने में तीसरी बार आग
लिवर आईसीयू में दो महीने के भीतर तीसरी बार आग लगी है। इससे पहले छह नवंबर को भी लिवर आईसीयू में ही आग लगी थी। उस दौरान भी यही स्थिति बनी थी और पूरे परिसर में धुआं फैल गया था। बाद में पीजीआई फायर सेफ्टी टीम ने आग पर काबू पाया था। उस दौरान भी आग का कारण शार्ट सर्किट ही था। छह नवंबर से ठीक एक महीने पहले भी आग लगी थी।
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