यूटी प्रशासन की ओर से सेक्टर-17 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट) की बिल्डिंग के साथ के एससीओ को छोड़कर बाकी के सभी एससीओ में शुक्रवार से एंट्री हो सकेगी।
वीरवार को चंडीगढ़ की एडीसी तन्वी गर्ग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए। इस आदेश के जारी होने के साथ ही 15 जून तक यहां लगी धारा 144 हटा ली गई है। आदेश में स्पष्ट है कि इन इमारतों के आसपास वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, लेकिन लोग पैदल आ जा सकेंगे।
सिर्फ सरकारी वाहनों के प्रवेश को मंजूरी होगी। इस आदेश के जारी होने के बाद चार दिनों के बाद शुक्रवार को बाकी के कार्यालय खुल पाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सिर्फ नाइलिट और इसके साथ ही बिल्डिंग के आगे और पीछे धारा 144 लगी रहेगी और यहां किसी तरह के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
एडीसी तन्वी गर्ग ने सहायक संपदा अधिकारी राहुल गुप्ता से नाइलिट की साथ की बिल्डिंग के बारे में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई करने को कहा है।
नाइलिट बिल्डिंग गिरने के बाद इसके आसपास की इमारतें कमजोर हो गई थीं और सेक्टर-17 पुलिस थाने के प्रभारी की सिफारिश पर प्रशासन ने एससीओ नंबर 4 से 9 और एससीओ नंबर 115 से 127 तक को असुरक्षित घोषित किया था। इन इमारतों के 150 मीटर के दायरे में आम आदमी के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी और यह आदेश 15 जून को रात 12 बजे तक प्रभावी थे।
बुधवार को स्ट्रक्चरल इंजीनियर डॉ.आईसी स्याल ने नगर निगम को दी गई रिपोर्ट में स्पष्ट किया था कि सिर्फ नाइलिट के साथ वाली बिल्डिंग की असुरक्षित है और बाकी की इमारतों को किसी तरह का खतरा नहीं है।
ऐसे में इन्हें खोल दिया जाए। डॉ.स्याल की इस रिपोर्ट के आने के बाद ही प्रशासन ने बाकी के एससीओ को खोलने का फैसला लिया। डॉ.स्याल की रिपोर्ट के आधार पर अब प्रशासन नाइलिट की साथ की बिल्डिंग को गिराने का फैसला ले सकता है। हालांकि इस बिल्डिंग का बीमा नहीं हुआ है और इस बिल्डिंग के मालिक को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।
ध्यान रहे कि नाइलिट की बिल्डिंग के ढहने के बाद से सिटको का कार्यालय तीन दिनों से बंद है और सिटको ने अपने स्टाफ को शुक्रवार तक की स्पेशल लीव दी हुई है।
नाइलिट की बिल्डिंग के पास ही भारतीय स्टेट बैंक की ट्रेजरी शाखा भी है। यह शाखा भी बंद पड़ी है, लेकिन बैंक ने लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ट्रेजरी शाखा को बैंक की मुख्य शाखा में फिलहाल शिफ्ट कर दिया है।