पठानकोट के गांव थरियाल के खेतों में निकल रहा लावा अंतरिक्ष से गिरी किसी चीज से नहीं बल्कि कई साल पहले बना कोयले का बुरादा, जो 7 जून को आसमानी बिजली गिरने के बाद सुलगने लगा। जिला प्रशासन की ओर से की गई जांच के बाद सामने आया कि कई साल पहले खेत में कोयले का डंप था, जो मिट्टी के नीचे दबा था, 7 जून को आसमानी बिजली गिरने के बाद वह सुलगने लगा और मिट्टी के बाहर आ गया। कोयले का बुरादा भारी मात्रा में होने के कारण उसका सुलगना बारिश के बाद भी बंद नहीं हो पाया।
इस बात खुलासा शुक्रवार देर रात तक खेत में जेसीबी से की गई खुदाई के बाद हुआ। बताया जा रहा है कि बुरादे का भंडार खेत के उस हिस्से में 7-8 फुट गहराई तक था। ऐसे में प्रशासन ने लोगों को भयभीत न होने और अफवाहों से दूर रहने का आह्वान किया है। साथ ही प्रशासन अब लावे वाले हिस्से को पानी से भिगोकर शांत कर रहा है। शुक्रवार देर रात तक खेत में निकल रही आग को लेकर प्रशासन ने खनन विभाग और विशेषज्ञों की मदद से पड़ताल की। अधिकारियों का कहना है कि आग बुरादे को सुलगा रही है। इसमें लकड़ी या अन्य ज्वलनशील पदार्थ संपर्क में आने पर जल रहे हैं। इसके अलावा प्रशासन इस मसले को लेकर विशेषज्ञों की मदद ले रहा है। वहीं, घटनास्थल पर कोई हादसा न हो और लोग न पहुंचे, इसके लिए खेत के हिस्से को रस्सी से कवर कर दिया गया है।
लोगों की जुट रही भीड़ ने बढ़ाई प्रशासन की परेशानी
खेत में आग सुलगने को लेकर क्षेत्रवासियों में अंतरिक्ष से गिरी फायर बॉल की धारणा बनी हुई है। सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण अपनी तरह की अलग और पहली इस घटना को लेकर घटनास्थल पर लोगों का जुटना जारी है और इसे देखने के लिए भीड़ जुट रही है। नायब तहसीलदार लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कोयले के बुरादे के जलने से लावा निकल रहा है। इस पर काबू पाने के लिए भारी मात्रा में पानी फेंका जा रहा है और इसे बुझाया जाएगा। ऐसे में आम लोग भी सतर्क एवं जागरूक बनें और प्रशासन की जांच एवं सूचना पर ही अमल करें। अफवाहों से दूर रहें।