मनीमाजरा के तत्कालीन सब फायर ऑफिसर अनिल शर्मा ने नगर निगम पर दबाव बनाकर ऐसे वाहनों का रोड टैक्स भरवा दिया, जिनका टैक्स माफ था। जांच में मामला सामने आने के बाद चीफ फायर ऑफिसर अनिल गर्ग ने रिपोर्ट में कहा है कि इस प्रकरण में निगम को 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसकी रिकवरी तत्कालीन सब फायर ऑफिसर से करनी चाहिए।
तत्कालीन सब फायर ऑफिसर अनिल शर्मा वर्तमान में सेक्टर-17 स्थित फायर ब्रिगेड स्टेशन में फायर ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। जांच रिपोर्ट में लिखा गया है कि अनिल शर्मा जब लीडिंग फायरमैन के पद पर तैनात थे, तब विभाग में मेंटीनेंस सेल के प्रभारी के तौर पर कार्य कर रहे थे। इस दौरान कुछ वाहनों को पास कराने के लिए अनिल शर्मा ने निगम से कहा।
साल 2013-14 में पहले अनिल शर्मा ने बिना कोई जांच किए वाहनों को पास कराने के एवज में स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को 14 लाख 7 हजार 610 रुपये टैक्स जमा कर दिए। बाद में पता चला कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां इमरजेंसी सेवाओं में गिनी जाती हैं। इनका रोड टैक्स माफ होता है। जांच अधिकारी ने कहा है कि इन तीन साल में निगम को इस फंड से कितना ब्याज मिलता है, उसका भुगतान अनिल शर्मा से ही कराया जाए। इस पूरी लापरवाही के लिए शर्मा से जबाव मांगा गया है।
रोड टैक्स का पूरा ब्योरा बनाकर सौंपा निगम को
अनिल शर्मा ने साल 2013-14 में पूरी रिपोर्ट बनाई। इसमें बताया गया कि वह एसटीए कार्यालय में खुद गए थे। जहां उन्होंने रोड टैक्स के सभी रेट की जानकारी ली है। वाहनों के अनुसार टेबल बनाकर अनिल शर्मा ने निगम पर दबाव बनाया कि बिना रोड टैक्स जमा किए गाड़ी चलाने से निगम पर पैनेल्टी बढ़ रही है।
जल्द से जल्द एसटीए को रोड टैक्स जमा कराना होगा। जिम्मेदार अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर निगम ने लगभग 30 से 32 वाहनों का रोड टैक्स जमा करा दिया। इसके बाद जब मामले का खुलासा हुआ तो एसटीए के सुपरिंटेंडेंट ट्रांसपोर्ट व सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट ने पत्र लिखकर कहा कि फायर ब्रिगेड के वाहनों को पास करने का शुल्क लिया जाता है, रोड टैक्स माफ होता है।
इसकी जानकारी जब प्रशासन को मिली तो अधिकारियों ने कहा कि इसका ब्याज कौन देगा और कैसे यह रुपये पास किए गए। पूरी जांच करवाकर निगम रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
फंड वापसी के लिए निगम ने एसटीए को लिखा पत्र
नगर निगम के अधिकारियों को जानकारी मिली कि फायर ब्रिगेड के वाहनों का टैक्स माफ होता है। उसके बाद फंड की वापसी के लिए नगर निगम ने एसटीए को पत्र लिखकर कहा है कि भूलवश यह टैक्स एसटीए को चला गया था। इस टैक्स के रुपयों को निगम को वापस किया जाए। अब एसटीए कब तक फंड वापस करेगा, इसकी कोई जानकारी नहीं है।
आरोप सिद्ध होने के बाद होगी गवाही
निजी कार्य से फायर ब्रिगेड के वाहनों को मोहाली स्थित निजी अस्पताल में भेजने व कर्मचारियों को ऑन ड्यूटी निजी कार्य से भेजने के मामले में भी जल्द गवाही होगी। कमिश्नर केके यादव का कहना है कि अनिल शर्मा जैसे ही अपना जबाव दायर करेंगे। उसके बाद केस से जुड़े गवाहों के बयान कराए जाएंगे। 6 गवाह नगर निगम ने इस केस के लिए चुने हैं। इनकी गवाही के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल स्टेशन फायर ऑफिसर अनिल शर्मा से जबाव मांगा गया है। साथ ही रुपयों की वापसी के लिए भी एसटीए को पत्र लिखा है। आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति से रिकवरी भी कराएंगे।
- केके यादव, कमिश्नर, नगर निगम