बता दें कि जीएमसीएच-32 में रोजाना हजारों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं। इलाज बाद उन्हें इमरजेंसी के बाहर शिफ्ट कर दिया जाता है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल में मौजूद थे। कोई व्हीलचेयर पर था तो कोई स्ट्रेचर पर। ऐसे में आग अगर पूरे बिल्डिंग में पहुंच जाती और भयावह रूप ले लेती तो जान-माल का काफी नुकसान हो सकता था। गनीमत रही कि बड़ा हादसा होने से टल गया।
इलेक्ट्रिक तार जलकर खाक
आग लगने से इलेक्ट्रिक पैनल कमरे में तार पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। आग पर काबू पाने के बाद उन्हें बिजली कर्मियों की मदद से बदला गया। घटना के बाद जांच की जा रही है कि इलेक्ट्रिक पैनल में क्या फाल्ट था।
सेक्टर-49 के जंगलों में लगी आग
वहीं गुरुवार शाम 4.48 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना मिली कि सेक्टर-49 स्थित गुरुद्वारा साहिब के पास जंगल में आग लगी हुई है। सूचना पर दशेरू सिंह और परमजीत सिंह की अगुवाई में दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। जंगल में आग ने भयानक रूप ले लिया था। इसके बाद वहां से गुजरने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग किन कारणों से लगी है इसका अभी तक पता नहीं चल सका है।
हां, आग लगी थी, लेकिन वह मामूली थी। थोड़ी ही देर में आग को बुझा दिया गया था। -बीएस चवन, डायरेक्टर, जीएमसीएच-32