कांग्रेस नेता के घर में लगी आग
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उनका आरोप है कि आग लगने के दस घंटे बाद भी फायर ब्रिगेड का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब दोपहर में फायर ब्रिगेड के अधिकारियों से बात की तो उनका कहना था कि सुबह चार बजकर बीस मिनट पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी स्टेशन सेक्टर-70 के लिए निकल गई थी लेकिन फायर ब्रिगेड को कोठी ही नहीं मिली। इसके बाद सुबह पांच बजकर पांच मिनट उन्होंने गाड़ी फायर स्टेशन पर लगा दी थी।
ऐसे बुझाई लोगों ने आग
जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची तो पूरे परिवार और पड़ोसियों ने अपने आप ही पाइप लगाकर करीब तीन घंटे में आग पर काबू पाया। हालांकि जब तक आग बुझी तक तक उनका सारा सामान जल चुका था। दोपहर करीब दो बजे सहायक फायर अफसर मौके पर पहुंची।
निगम कमिश्नर को दी शिकायत
रंधावा ने बताया जब दोपहर तक भी फायर ब्रिगेड का कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा तो उन्होंने नगर निगम मोहाली के कमिश्नर को फोन पर सूचित कर दमकल विभाग की लापरवाही के बारे में जानकारी दी। शाम को फायर ब्रिगेड कर्मियों का कहना था कि फायर ब्रिगेड तो भेजी थी लेकिन उन्हें कोठी ही नहीं मिली और उन्हें लगा कि किसी शरारती तत्व ने गलत फोन करके गुमराह किया है।
रंधावा ने बताया कि आग से उनके घर में रखा फर्नीचर, एलसीडी, फ्रिज, डाइनिंग टेबल से लेकर सारा सामान जलकर राख हो गया। घर की दीवारों को किए गए टैक्सचर आदि भी जलकर दीवारें काली हो गईं।
क्या कहते हैं फायर ब्रिगेड के एफडीओ
मोहाली फायर ब्रिगेड के एफडीओ कृष्ण लाल कक्कड़ ने मीडिया को बताया कि किसी राहगीर ने फायर ब्रिगेड को फोन पर सूचित किया था, जिसके चलते गाड़ी को आग बुझाने के लिए भेजा था लेकिन घर नहीं मिला। बाद में हमारे कर्मियों ने उस नंबर पर फोन किया जहां से कॉल आई थी लेकिन उसने कहा कि वह तो राहगीर था। उसके बाद हमारा संपर्क नहीं हुआ।