इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 स्थित कलर उद्योग केमिकल फैक्टरी में मंगलवार रात साढ़े दस बजे भीषण आग लग गई। फैक्टरी में करीब एक के बाद एक 20 धमाके हुए। इससे आसपास स्थित फैक्टरी मालिक भी दिल दहल उठे। देखते ही देखते आग की लपटें आसमान छूने लगी। धुएं और आग की लपटें दूर से ही नजर आने लगी थी।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। जिन्होंने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया।
वहीं, एसीपी नूपुर बिश्नोई, सेक्टर-14 थाना प्रभारी नवीन, सेक्टर-19 चौकी प्रभारी गुलाब सिंह घटना का जायजा लेने पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। इस घटना में लाखों के नुकसान का अनुमान है।
इंडस्ट्रियल एरिया फेस-2 स्थित प्लाट नंबर-220 में कलर उद्योग के नाम से केमिकल बनाने की फैक्टरी है। जिसमें मंगलवार रात आग लग गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि बारिश न हुई होती तो क्षेत्र में भारी तबाही होती। इसके बाद भी आग की लपटों ने प्लॉट नंबर-219 की वीके लग्जरी हाउस फैक्टरी को भी अपनी चपेट में ले लिया। लेकिन फायर टेंडर की गाड़ियों ने किसी तरह फैक्टरी को बचा लिया।
वहीं, कलर उद्योग फैक्टरी में खड़ी तीन गाड़ियां जलकर राख हो गईं। फैक्टरी के मालिक से घटना को लेकर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से मनाकर दिया।
मौके पर ही आपस में भिड़ गए फैक्टरी मालिक
जिस वक्त कलर उद्योग फैक्टरी में आग लगी तो प्लॉट नंबर-219 वीके लग्जरी हाउस और प्लॉट नंबर-220 फैक्टरी के मालिक आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे को जमकर गालियां दीं।
वीके लग्जरी हाउस के मालिक सम्राट का आरोप है कि कलर उद्योग फैक्टरी संचालक हर साल आग लगाकर फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले आग लगने से 10 कर्मचारियों की मौत हो गई थी।
फायर कर्मियों ने जान पर खेल बुझाई आग
कलर उद्योग फैक्टरी में लगी आग को बुझाने के लिए पंचकूला, कालका, जीरकपुर, डेराबस्सी की करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और फायर कर्मियों नेे जान की परवाह न करते हुए आग पर काबू पाया। फायर अधिकारी का कहना था कि आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है। लेकिन घटना में भारी नुकसान का अनुमान है।