नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना के सदस्य रहे स्वतंत्रता सेनानी हॉउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी त्रिलोकीनाथ के अंतिम संस्कार में सलामी देने पहुंचे कांस्टेबल द्वारा पहले फायर करके हरियाणा पुलिस की किरकिरी कराने वाले कांस्टेबल को निलंबत कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बदन सिंह राणा ने मामले की जांच करके रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि स्वतंत्रता सेनानी को सलामी देने के लिए तैनात किए गए गार्द के पांच जवानों में से कांस्टेबल संजय ने राइफल को लोड करते समय पहले ही फायर कर दिया था।
अचानक हुए फायर के बाद मौके पर दहशत का माहौल बन गया है। डीएसपी हेडक्वार्टर धर्मबीर पूनिया ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और इसके लिए जांच कमेटी का गठन किया गया है। सलामी के दौरान पहले फायर करने वाले कांस्टेबल संजय कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
राइफल लोड करने में लापरवाही हुई
प्रभारी जांच के दौरान पुलिस के सामने आया है कि कांस्टेबल संजय ने राइफल को लोड करने में लापरवाही बरती है। अगर इस दौरान अचानक हुए फायर से अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों को गोली लग जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में गड़बड़ कहां पर रही है इसकी जांच के लिए टीम का गठन कर दिया है।
जांच कमेटी जल्द से जल्द मामले की जांच करके इसकी रिपोर्ट पुलिस के आला अधिकारियों को सौंपेगी और जांच में जिस भी पुलिस कर्मचारी की लापरवाही सामने आएगी उसके बाद आगामी कदम उठाया जाएगा। ज्ञात रहे कि राजकीय सम्मान के दौरान हरियाणा पुलिस फिर से बड़ी नाकामी सामने आई है।
सलामी देने के लिए पहुंचे पुलिस के कांस्टेबल संजय राइफल को लोड करते समय सीधा चिता की तरफ ही फायर कर दिया। गोली सीधी चिता की तरफ चलने के कारण बड़ा हादसा होने से टल गया।
वहीं एक जवान के हथियार से सलामी के लिए फायर ही नहीं हुआ। पहले गोली चलने के बाद उस जवान ने वैसे ही ऊपर को राइफल कर ली और सलामी में वह गोली नहीं चला पाया।
कितनी राइफलों से चली गोली, होगी जांच
राजकीय सम्मान के दौरान पुलिस के पांच जवानों को तैनात किया गया था। इस दौरान सामने आया था कि कुछ राइफलों से सलामी के दौरान फायर ही नहीं हुआ था।
फायर कितनी राइफलों से हुआ इसकी भी जांच की जाएगी। आशंका है कि सलामी के दौरान दो राइफलों से फायर नहीं हुआ है। जांच के बाद ही सामने आएगा कि इन राइफलों से फायर क्यों नहीं हुआ।