हुडा के प्लाटों की मल्टीपल अलॉटमेंट मामले में डीजी परमिंदर राय पर गाज गिर गई है। हरियाणा सरकार ने बताया कि उनके खिलाफ इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर सरकार को आदेश दिए कि याचिकाकर्ता जिन लोगों के नाम के साथ याचिका दाखिल की है उन सभी पर कार्रवाई को लेकर वे अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करें। साथ ही जिन मामलों में अलॉटी के स्पाउस व बच्चों के नाम अलॉटमेंट हुई हैं उनमें भी एफआईआर दर्ज की जाए।
परमिंदर राय इस समय में हरियाणा पुलिस आवास निगम के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं। मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हुडा और हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने पंचकूला 5 सेक्टर में 59 एफआईआर दर्ज की है। इस पर याचिकाकर्ता के वकील एचएस सेठी ने हाईकोर्ट को बताया कि अभी भी चेहरा देखकर मामले दर्ज किए जा रहे हैं। किसी भी बड़े नाम के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
इस पर बताया गया कि डीजी रैंक के पुलिस अधिकारी परमिंदर राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस पर याची ने कहा कि उसने विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से राम विलास शर्मा, रंजीव दलाल, टीसी गुप्ता, एससी कांसल, आरआर जौहल, सुभाष बत्रा, एनसी वधवा, एके सिंह, आलोक निगम, एसएस ढिल्लों आदि के खिलाफ याचिका दाखिल करते हुए कार्रवाई की मांग कर चुके हैं लेकिन हरियाणा सरकार ने इन याचिकाओं पर जवाब देना तक जरूरी नहीं समझा।
हाईकोर्ट ने इस पर हरियाणा सरकार को आदेश दिए कि इन सभी मामलों में वे जवाब दाखिल करें। इस दौरान याची ने कुछ और नाम सौंपते हुए इनको हुई मल्टीपल अलॉटमेंट के बारे में कोर्ट को सूचित किया। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि हर बार नए नाम सामने आ रहे हैं। जो काम जांच एजेंसी को करना चाहिए वह याची कर रहा है। इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया जा रहा है। सरकार ने इसपर अपनी सफाई पेश करने का प्रयास किया परंतु कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
हुडा के कर्मी व बड़े नाम सवालों के घेरे में
हाईकोर्ट में सौंपी रिपोर्ट पर आपत्ति जाहिर करने के बाद इस मामले में याचिकाकर्ता ने हुडा को ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। याची ने कहा कि हुडा के ही ऐसे कई कर्मी और अधिकारी है जिन्होंने मल्टीपल अलॉटमेंट करवाई है। अभी तक इन कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर सरकार को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
आगे क्या किया जाए मांगे सुझाव
कोर्ट ने कहा कि इस मामले में एफआईआर तो हो ही रही हैं लेकिन प्लॉट जो गलत तरीके से अलॉट हुए हैं उनका अलॉटमेंट कैंसिल कैसे करें और किस आधार पर उस प्लॉट की एवज में भुगतान की गई राशि को वापिस सौंपा जाए इसको लेकर हाईकोर्ट ने सुझाव मांगे हैं। हरियाणा सरकार द्वारा इसको लेकर पॉलिसी तैयार की गई थी जिसमें मार्केट रेट के अनुसार कटौती काटकर वापिसी की बात थी। इसपर आपत्ति जताते हुए याची ने सुझाव आमंत्रित करने के फैसले का स्वागत किया।
जो प्लाट वापिस करना चाहते हैं उन्हें मिले छूट
कोर्ट ने कहा कि हुडा ने प्लाट वापिस करने वालों को छूट देने का पॉलिसी में कोई प्रावधान नहीं किया है। ऐसे में उन्हें अपनी पॉलिसी पर फिर से विचार करना चाहिए और अपनी इच्छा से जो प्लॉट वापिस करना चाहते हैं उनके लिए कुछ नरमी बरतने की दिशा में विचार करना चाहिए।
इनके खिलाफ भी दर्ज हुए मामले
पूर्व केंद्रीय मंत्री सैलजा की मां कलावती देवी, हरियाणा की पूर्व एमएलए शांति राठी, हरियाणा से पूर्व एमएलए मूलचंद जैन, पूर्व एमएलए गया लाल, पूर्व आईएएस डीबी गुलाटी, पूर्व आईएएस आरके रंगा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट से रिटायर्ड ऑफिसर एसपी वोहरा, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट से रिटायर्ड ऑफिसर सुरिंद्र सिंह आहूजा, पूर्व आईएएस अधिकारी की पत्नी रमा सिन्हा, पूर्व आईएएस अधिकारी एलएम मेहता, एक मंत्री के करीबी राजीव शर्मा, पूर्व आईएएस अधिकारी आरएल सुधीर, हरियाणा के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल कमल शर्मा, पूर्व आईएएस अधिकारी महा सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।