चंडीगढ़ में एमडी/ एमएस की परीक्षा देने के लिए मेक माई ट्रिप से ऑनलाइन होटल बुकिंग करना दिल्ली के डॉक्टर दंपति को उस वक्त महंगा पड़ा, जब उन्हें होटल पहुंचने पर रूम ही नहीं मिला। होटल प्रशासन ने उनके नाम से कोई रूम बुक होने से इनकार कर दिया। इसके बाद पीड़ित को दूसरे होटल में जाकर तत्काल महंगे दाम में होटल का रूम बुक कराना पड़ा। उपभोक्ता फोरम ने मेक माई ट्रिप को उपभोक्ता सेवा शर्तों का दोषी मानते हुए होटल बुकिंग अमाउंट की दोगुनी राशि और मानसिक प्रताड़ना के लिए अतिरिक्त मुआवजा राशि देने का आदेश दिया है।
दिल्ली के गीता कॉलोनी निवासी डॉ आशीष कुमार सिंह और उनकी पत्नी डॉ अर्चना ने चंडीगढ़ में अपनी एमडी और एमएस की परीक्षा के लिए मेक माई ट्रिप से 19 मई 2013 को होटल मिड-टाउन में 1800 रुपये में एक दिन के लिए कमरा बुक किया था। इसके बाद जब वे होटल पहुंचे तो वहां उनके नाम से कोई कमरा बुक ही नहीं था। इस बारे में डॉ1 दंपति ने जब होटल प्रबंधन से बात की और उन्हें मेक माई ट्रिप द्वारा रूम की बुकिंग दिखाई तो उन्होंने किसी तरह की बुकिंग से इनकार कर दिया। होटल में तत्काल भी उन्हें कोई रूम नहीं मिला। परेशान होने के बाद रात में एक बजे पीड़ित डॉ दंपति ने होटल ओएस्टर में 3 हजार में तत्काल रूम लिया। रात में हुई परेशानी के कारण पीड़ित दंपति की परीक्षा प्रभावित हुई और वह परीक्षा में ठीक से लिख भी नहीं पाए। इसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी।
पीड़ित दंपति ने फोरम में होटल बुकिंग का मैसेज और उससे संबंधित अन्य रिकॉर्ड्स दिखाए। फोरम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मेक माई ट्रिप को सेवा में कोताही बरतने का दोषी पाते हुए 3 हजार रुपये दूसरे होटल के रूम के एवज में और मानसिक प्रताड़ना के लिए 10 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।