कोरोना काल में लोन की किश्तें टूटने पर किसान का कंबाइन हार्वेस्टर जबरन जब्त करने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने श्री राम फाइनेंस कंपनी को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि माना किसान पर कर्ज है, लेकिन इसकी वसूली के लिए तय प्रक्रिया है, गुंडागर्दी मंजूर नहीं की जा सकती।
अंंबाला निवासी रविंदर सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि उसने कंबाइन हार्वेस्टर 18 लाख रुपये में लिया था। इसके बाद उसने उसकी बॉडी पर 3 लाख रुपये खर्च किए थे। इस कार्य के लिए उसने श्री राम फाइनेंस कंपनी से लोन लिया था। याची ने बताया कि वह लोन का बड़ा हिस्सा किश्तों के रूप में भर चुका है। कोरोना के दौरान वह कुछ किश्तें नहीं भर सका और कंपनी के लोगों ने गुंडों के साथ मिल कर उसकी कंबाइन हार्वेस्टर को जब्त कर लिया। याची ने कहा कि वह बकाया राशि भरने को तैयार है, लेकिन उसकी मशीन नहीं लौटाई जा रही है।
हाईकोर्ट ने कहा कि कर्ज की वसूली कंपनी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए तय कानूनी प्रक्रिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि माना किसान पर कर्ज था, लेकिन इसकी वसूली के लिए गुंडागर्दी की इजाजत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने अंबाला के एसपी को आदेश दिया है कि वह कंपनी से याची के उपकरण का कब्जा लेकर याची को सौंपे। साथ ही याचिकाकर्ता को आदेश दिया है कि वह एक माह के भीतर बकाया 3 लाख रुपये कंपनी को लौटाएगा। ऐसा करने में विफल रहने पर उसे यह उपकरण कंपनी को सरेंडर करना होगा। इस आदेश के साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।