पाक कलाकारों को लेकर फिल्म निर्देशक महेश भट्ट ने जहां खुलकर बातचीत की, वहीं भारत और पाकिस्तान को भाई-भाई बताया। पाक कलाकार भारत में काम करें या नहीं यह फैसला केंद्र सरकार को लेना चाहिए। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ फिल्म को चार राज्यों में सिनेमाघरों के मालिकों द्वारा न दिखाने के फैसले पर यह प्रतिक्रिया फिल्म निर्देशक महेश भट्ट ने दी।
बहुचर्चित फिल्म निर्देशक महेश भट्ट शनिवार को ‘द लास्ट सैल्यूट’ नाटक के मंचन से पहले मोहाली स्थित होमलैंड पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने नाटक की जानकारी देने के साथ अन्य सवालों का बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने बताया कि पाक कलाकारों के बालीवुड में काम करने पर विवाद और ऐसी फिल्मों का विरोध स्वरूप सिनेमाघरों के पर्दों से उतरने का ये पहला मामला नहीं है।
सबसे पहले उनकी फिल्म साथी का विरोध महाराष्ट्र और अन्य कई जगहों पर हुआ था। इस फिल्म में पाक क्रिकेटर मोहसिन खान और आदित्य पांचोली मुख्य भूमिका में थे। विरोध के कारण इस फिल्म को सिनेमाघरों में चलने नहीं दिया गया। फिल्म ‘आवारापन’ और ‘राज’ का भी विरोध किया गया। राज ठाकरे के संगठन द्वारा महेश भट्ट और करण जौहर पर तीखे प्रहार पर उन्होंने कहा कि वे खफा हैं। अगर एक भाई खफा हो तो दूसरे को शांत रहना चाहिए, न की उसे स्वर में जवाब दें।