वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता नन्नु कुक्कड़ का कहना है कि ढाबे पर भोजन करने पहुंचा तो वहां पर रणजीत अपने साथियों संग बैठा था। उसे कहने लगा कि कांग्रेस के समय उन्हें बहुत तंग किया था अब हमारी सरकार आ गई है देख लेंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। वहां मौजूद लोगों ने छुड़ा दिया। जब नन्नु से पूछा कि रणजीत कह रहा है कि गोली तुमने मारी है, इस पर नन्नु ने कहा कि ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की जा सकती है।
वहां गोली नहीं चली है और न ही उसने मारी है। नन्नु ने कहा कि रणजीत ने सिविल अस्पताल के बाहर जाकर खुद को गोली मारी है। उसने एसएसपी से जांच की मांग की और कहा कि उसकी रिवाल्वर चुनाव के दौरान फौजी गन हाउस में जमा है। पुलिस जांच करे कि गोली कितनी दूरी से चली है, किस पिस्तौल की गोली है।
नन्नु ने कहा कि जांघ के पीछे गोली लगने की बात कही जा रही है, जबकि पेंट में गोली का छेद नहीं है। उधर, सिविल अस्पताल के डॉ. अदब्ब दरगन का कहना है कि उनके पास जख्मी हालत में रणजीत रात साढ़े 10 बजे के करीब आया था। गोली जांघ में फंसी थी, उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है कि रणजीत ने अभी उन्हें बयान नहीं दिया है।