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हरियाणा में खाद की किल्लत: जरूरत 13 लाख एमटी की, स्टॉक में तीन लाख, कई जिलों में किसान परेशान

Sat, 15 Oct 2022 12:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

कृषि महानिदेशक हरदीप सिंह का कहना है कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त खाद स्टॉक है। आगामी तीन दिनों में ही 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी आएगी। इसके अलावा, पूरे माह का शेड्यूल बनाया गया है, उसी अनुसार केंद्र से लगातार खाद की आपूर्ति होती रहेगी।
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खाद के लिए लगी लाइन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा में गेहूं और सरसों बिजाई के सीजन से पहले ही डीएपी खाद की किल्लत हो गई है। महेंद्रगढ़, भिवानी, जींद, रोहतक और चरखी दादरी समेत अन्य जिलों में किसानों को डीएपी खाद नहीं मिल रही है। खासकर सरसों की बिजाई करने वाले जिलों में डीएपी की कमी चल रही है। एक सीजन में प्रदेश में कुल 13 लाख मीट्रिक टन खाद की जरूरत होती है लेकिन कृषि विभाग के स्टॉक में मात्रा 3 लाख मीट्रिक टन खाद ही है। इनमें से 2.52 लाख एमटी यूरिया और 51 हजार एमटी डीएपी स्टॉक में बचा है। इसके विपरीत, गेहूं के सीजन को देखते हुए प्रदेश में रोजाना 10 हजार मीट्रिक डीएपी और 5 हजार मीट्रिक टन यूरिया की खपत हो रही है, बावजूद इसके खरीद केंद्रों पर किसानों की लाइनें लगी हुई हैं।

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कृषि विभाग के पास एक अक्तूबर से 10 अक्तूबर तक 2.12 लाख एमटी यूरिया और 67 हजार एमटी डीएपी खाद थी। केंद्र सरकार की ओर से कुल 87 हजार एमटी खाद भेजी जा चुका है, जबकि 45 हजार मीट्रिक टन बिक चुकी है। जिस तेजी से खाद की मांग बढ़ रही है, उसमें आने वाले ही कुछ ही दिनों यह स्टाक खत्म हो जाएगा। 

कृषि विभाग का तर्क है कि इस बार किसानों ने सितंबर माह में ही डीएपी अधिक मात्रा में खरीद लिया। औसतन हर साल सितंबर माह में 25 हजार एमटी डीएपी की बिक्री होती है लेकिन इस बार इस अवधि में 90 हजार एमटी डीएपी बिका। कृषि विभाग के संयुक्त सचिव और खाद के नोडल अधिकारी मंजीत नैन का कहना है कि जिलों में खाद सुचारू रूप से सप्लाई की जा रही है। जहां जहां दिक्कत है, वहां पर रैक भेजे जा रहे हैं। 
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62 लाख एकड़ में गेहूं और 19 लाख एकड़ में सरसों की होती है बिजाई
हरियाणा में पिछले साल 62 लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई की गई थी। इसी प्रकार 19 लाख एकड़ में सरसों की बिजाई हुई थी। इसके मुकाबले 2020 में प्रदेश में 15 लाख एकड़ में ही सरसों उगाई गई थी, जबकि इसी अवधि में गेहूं की बुआई 58 लाख एकड़ में की थी। वर्ष 2019-20 में फसलों की पैदावार 18,420 किलोग्राम प्रति हैक्टेयर थी, जबकि 2020-21 में बढ़कर 19,622 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर हुई है। 

अगले तीन दिनों में मिलेगा 20 हजार एमटी खाद: महानिदेशक 
कृषि महानिदेशक हरदीप सिंह का कहना है कि प्रदेश में किसानों के लिए पर्याप्त खाद स्टॉक है। आगामी तीन दिनों में ही 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी आएगी। इसके अलावा, पूरे माह का शेड्यूल बनाया गया है, उसी अनुसार केंद्र से लगातार खाद की आपूर्ति होती रहेगी। कृषि विभाग की ओर से पहले सरसों बिजाई वाले क्षेत्रों में डीएपी की सप्लाई दी जाएगी और इसके बाद गेहूं वाले क्षेत्र में। किसानों को घबराने की जरूरत है नहीं है। सभी किसानों को खाद मिलेगी, इसके लिए होड़ न मचाएं। मुख्यालय से लगातार खाद की आपूर्ति और लागत पर निगरानी रखी जा रही है और विभाग केंद्रीय मंत्रालय के संपर्क में है। 

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