पंचकूला। सिविल अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले सहयोगियों की भीड़ और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने प्रवेश-पत्र और टोकन व्यवस्था दोबारा लागू कर दी है। अब वार्ड में केवल अधिकृत सहयोगी को ही प्रवेश मिलेगा। प्रवेश के लिए खिड़की पर पहचान बतानी होगी और प्रवेश-पत्र जारी होने के बाद ही वार्ड में जाने की अनुमति दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत भर्ती मरीज के साथ एक या अधिकतम दो अधिकृत सहयोगी प्रवेश-पत्र के माध्यम से वार्ड में रह सकेंगे। बिना प्रवेश-पत्र किसी भी व्यक्ति को वार्ड में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वार्डों में अक्सर एक मरीज के साथ 10 से 12 लोग मौजूद रहते हैं। इससे भीड़ बढ़ने के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों की जांच व उपचार में परेशानी होती है। सहयोगियों को प्रतीक्षा क्षेत्र में भेजने पर कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है।
10 नए पीटीजेड कैमरे लगाने की तैयारी
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10 नए पीटीजेड कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल में दो पीटीजेड कैमरों समेत करीब 120 कैमरे लगे हैं। तकनीकी अधिकारियों ने सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कैमरों की जरूरत बताई है।
नए मातृ-शिशु खंड में स्टाफ की कमी
नए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य खंड में भी सुरक्षा कर्मियों की कमी चुनौती बनी हुई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव भेजा है। डीजीएचएस की ओर से प्रदेश के अस्पतालों में 400 नई भर्तियों का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
व्यवस्था में सामने आने वाली कमियां दूर करेंगे
अस्पताल के वार्ड में एक रोगी के साथ 10-12 सहयोगियों के बैठने से उपचार में दिक्कत आती है। प्रवेश-पत्र प्रणाली का परीक्षण शुरू किया गया है। अब बिना प्रवेश-पत्र किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षण के दौरान जो भी दिक्कतें या कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर कर व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत बनाया जाएगा। — डॉ. आरएस चौहान, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल