प्लांट में एक अफसर जोकि 5-6 साल पहले रिटायर हो चुका है, आज भी जुगाड़ से सीट पर काबिज है। वह महिलाकर्मियों को डरा-धमकाकर गलत काम करवाता है। इस अफसर को प्लांट के ही एक यूनियन नेता और उसके अधीन काम कर रही एक महिला का सहयोग मिल रहा है।
इस तरीके से करते हैं महिलाकर्मियों को मजबूर
शिकायत पत्र के मुताबिक सबसे पहले अफसर किसी महिला को टारगेट कर उसे परेशान करना शुरू करता है। जब महिला कर्मचारी परेशान हो जाती है तब यूनियन नेता के अधीन काम करने वाली महिला संबंधित पीड़िता को यूनियन नेता से मिलवाती है। वह आरोपी अफसर के पास पीड़िता को ले जाकर यह जताता है कि महिला उसकी करीबी है और उसे परेशान न किया जाए। इस तरह आरोपी अफसर और यूनियन नेता बाद में पीड़िता का शोषण शुरू कर देते हैं।
जांच के आदेश दिए हैं, दोषी बख्शे नहीं जाएंगे : रंधावा
छह महिलाकर्मियों के शिकायत पत्र के बारे में सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि उन्होंने पिछले महीने गुमनाम पत्र मिलने पर भी जांच कराई थी। अब महिलाओं ने आगे आकर शिकायत की है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और अगर कोई अफसर दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।