चंडीगढ़। गैर अल्कोहल फैटी लीवर को नैश भी (नॉन अल्कोहलिक स्टेटियोहेपेटाइटिस) कहा जाता है। यह बीमारी विश्वभर के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। अनुमानत: चंडीगढ़ में दो में एक व्यक्ति इस मर्ज से जुड़ा हो सकता है। यह जानकारी पीजीआई हेपेटोलॉजी विभाग के प्रो. अर्का डे ने दी। उन्होंने बताया कि यह एक साइलेंट किलर है। इसलिए इससे बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी हो गया है। वहीं, विभाग के प्रमुख और इंडियन नेशनल एसोसिएशन फॉर स्टडी ऑफ द लिवर के महासचिव डॉ. अजय दुसेजा ने बताया कि देश में इस मर्ज की रोकथाम और नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू कर रहा है। फैटी लीवर रोक्को यानि रोटरी कॉम्बेटिंग चाइल्डहुड ओबेसिटी अभियान की घोषणा 8 जून को की जाएगी। इसे इंडियन नेशनल एसोसिएशन फॉर स्टडी ऑफ द लिवर रोटरी इंटरनेशनल के साथ मिलकर शुरू कर रहा है। कार्यक्रम में नामांकन अगले महीने से शुरू होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य माता पिता और बच्चों को उनके स्कूलों और शिक्षकों के माध्यम से मोटापे और फैटी लीवर के बारे में संवेदनशील बनाकर बच्चों में मोटापा और फैटी लीवर (रोक्को) को रोकना है। डॉ. अजय ने बताया कि इसके लिए एक वेबसाइट तैयार की गई है और इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश के दो-तीन राज्यों के लिए शुरू में खोला जाएगा। डॉ. अजय ने कहा कि अगर यह सफल रहा तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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आप भी जान लें नैश क्या है
जो लोग शराब नहीं पीते उन्हें ही नैश (नॉन अल्कोहलिक स्टेटियोहेपेटाइटिस) बीमारी होती है। यह बीमारी शराब नहीं पीने वालों को होती है और इसमें लिवर में जलन व सूजन आ जाती है। इसके चलते लिवर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है जिसे फैटी लीवर कहते हैं। जिन लोगों को फैटी लीवर की शिकायत होती है उनमें से 15-25 प्रतिशत नैश से पीड़ित हो जाते है।
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ऐसे लक्षण दिखते ही हो जाएं सावधान
इसके लक्षण शुरुआत में सामने नहीं आते, लेकिन यदि बहुत ज्यादा थकान, पेट में ऊपर की तरफ दाईं ओर दर्द या अजीब सा एहसास, पेट पर सूजन, त्वचा पर फूली हुई नसों का नजर आना, हथेलियों में लाली आना या आंखों और स्किन के रंग का पीला होना आदि लक्षण दिखें तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
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इन बातों का रखें ध्यान
मोटापा इसका मुख्य कारण है। इसलिए पोल्ट्री उत्पाद जिसमें खासकर मीट, फुल फैट चीज, फुल फैट क्रीम और दही, बेक किए या तले हुए खाद्य, मीठे पदार्थ का सेवन कम कर दें। प्रतिदिन कम से कम 45 मिनिट्स का व्यायाम जरूरी है। अपनी पसंद के व्यायाम का चुनाव करें, जिसमें स्वीमिंग, साइकिलिंग, एरोबिक्स एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं।