कृषि अध्यादेशों को लेकर हरियाणा में किसान-आढ़तियों का विरोध तेज हो गया है। किसान संगठन और आढ़ती आज सड़कों पर उतर कर जाम लगाएंगे। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो 24 सितंबर को ट्रेनें रोकीं जाएंगी और 25 सितंबर को पंजाब-हरियाणा में बंद रखा किया जाएगा।
इधर, कृषि अध्यादेशों को लेकर हरियाणा की अधिकांश मंडियों में शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही। किसानों ने जगह-जगह धरना देकर विरोध जताया। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग के नेतृत्व में हिसार में आढ़तियों ने अध्यादेशों के विरोध में प्रदर्शन किया।
सिरसा में आढ़तियों ने एसीएस पीके दास का मंडी में पुतला फूंका। हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा पारित तीन अध्यादेशों, पिपली घटनाक्रम व किसानों की समस्याओं को लेकर 20 सितंबर को जिलेभर के किसान गांव पंजुआना के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर एकत्रित होंगे। चरखीदादरी में भी संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले रविवार दोपहर 12 से तीन बजे तक कनीना रोड जाम किया जाएगा।
आढ़तियों को समर्थन देने पहुंचे भाकियू प्रदेशाध्यक्ष चढूनी
भारतीय किसान यूनियन के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी शनिवार को सोनीपत की नई अनाजमंडी में धरना दे रहे आढ़तियों को समर्थन देने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान एक-दूसरे के पूरक हैं। किसानों के सुख-दुख में आढ़ती ही काम आते हैं।
सोनीपत में 21 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता भी मुरथल रोड पर निजी बैंक्वेट हॉल में धरना देंगे। इसमें पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा समेत सभी विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद व अन्य नेता शामिल होंगे।
इधर, रोहतक जिले के सैकड़ों किसान शनिवार को कृषि सुधार अध्यादेश के समर्थन में ट्रैक्टरों में सवार होकर डीसी कार्यालय पहुंचे। भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ विस चुनाव लड़ चुके सतीश नांदल इनका नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने डीसी को केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम धन्यवाद पत्र सौंपा।