हरियाणा की तमाम मंडी और खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद का काम लगभग खत्म हो चुका है। फूड एंड सप्लाई, हैफेड, हरियाणा वेयर हाउसिंग कारपोरेशन व एफसीआई ने मंडियों से 72 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद लिया है। इसमें से 65 लाख से अधिक गेहूं की लिफ्टिंग हो पाई है।
6 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं आज भी मंडी और खरीद केंद्रों में पड़ा हुआ है। चूंकि अगले दो दिन फिर से तेज अंधड़ के साथ बारिश की आशंका है। लिहाजा गेहूं को फिर बारिश का खतरा सता रहा है। लॉकडाउन में सरकार ने इस बार सरकारी मंडियों के साथ-साथ 1800 से अधिक खरीद केंद्रों के जरिये किसानों की गेहूं की खरीदी।
यह खरीद केंद्र किसानों की सहूलियत के चलते गांवों के आसपास ही बनाए गए थे। मंडी और खरीद केंद्रों में 7212198 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा जा चुका है। इनमें से 6579247 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो चुका है। जबकि 673923 मीट्रिक टन गेहूं मंडी और खरीद केंद्रों पर ही उठान के इंतजार में पड़ा है। जबकि 5348880 मीट्रिक टन गेहूं अभी तक गोदामों तक में पहुंच पाया है।
मंडियों से उठान का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो। इसके लिए आदेश दिए जा चुके हैं। बारिश की वजह से अनाज खराब न हो। इसे लेकर भी सरकार पूरी तरह गंभीर है। मंडी और खरीद केंद्रों पर तिरपालों की भी व्यवस्था करवाई गई है।
- पीके दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले