पंजाब में आए दिन किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्या की घटनाओं का मुद्दा शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया। लुधियाना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल जसजीत सिंह गिल द्वारा दायर की गई जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर 26 जुलाई तक जवाब तलब किया है।
जस्टिस एसएस सारों औक जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को दायर की गई याचिका में कहा गया कि पंजाब सरकार ने कर्ज तले दबे किसानों की आत्महत्याएं रोकने के लिए पंजाब सेटलमेंट ऑफ एग्रीकल्चरल इनडेब्टेडनेस एक्ट-2016 तैयार किया है। इस एक्ट के तहत प्रावधान किया गया है कि कर्ज लेने वाले किसान ने चाहे किसी बैंक से या अन्यत्र निजी व्यक्ति से कर्ज लिया हो, उसकी वसूली के लिए ट्रिब्यूनल या फोरम का गठन किया जाएगा।
याचिका में कहा गया कि पंजाब सरकार पहले इस एक्ट के हिसाब से ट्रिब्यूनल या फोरम का गठन करे और उसके बाद ही प्रदेश में किसानों से कर्ज की वसूली की जाए। याचिकाकर्ता ने प्रदेश में किसानों से कर्ज की वसूली तुरंत रोकने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया कि किसानों द्वारा जो कर्ज बैंक या अन्य निजी व्यक्ति से लिया गया है, पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई ब्याज दर से अधिक ब्याज न वसूला जाए।
सके साथ ही वसूल किए गए कर्ज की अकाउंट बुक और स्टेटमेंट भी पंजाब रेगुलेशन ऑफ अकाउंट एक्ट-1930 के तहत मेन्टेन करने की मांग की गई है हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सहित पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।