चंडीगढ़। यूटी प्रशासन द्वारा बनाई जा रही तोगां-सारंगपुर लिंक रोड (पी फोर) के मुआवजे की घोषणा सोमवार को भी नहीं हो पाई। मुआवजे की घोषणा के लिए किसान धूप में इंतजार करते रहे और इसे लेकर उन्हें तीन बार बुलाया गया, लेकिन शाम तक विभाग द्वारा घोषणा नहीं किए जाने से किसानों को निराश होकर घर लौटना पड़ा।
प्रशासन ने तोगां-सारंगपुर लिंक रोड बनाने को धनास और डड्डूमाजरा के लिए 110 किसानों की 18 एकड़ भूमि अधिग्रहण की है। प्रशासन द्वारा जमीन मालिकों के लिए पांच करोड़ रुपये प्रति एकड़ के करीब मुआवजा तय किया है। हाईकोर्ट के दखल के बाद सोमवार को भू अधिग्रहण विभाग द्वारा किसानों को मिलने वाले मुआवजे की घोषणा की जानी थी। इसको लेकर संबंधित किसान विभागीय कार्यालय पहुंचे। जहां कोरोना वायरस के कारण उन्हें कार्यालय के भीतर घुसने नहीं दिया गया। वह धूप में ही भूखे-प्यासे पूरा दिन बैठे रहे। शाम तक भी मुआवजे की घोषणा नहीं किए जाने से किसान निराश होकर घर लौट गए। धनास के सरपंच कुलजीत सिंह संधू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण विभाग ने उन्हें बुलाया, लेकिन शाम को उन्हें घोषणा न होने के चलते निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
आसान हो जाएगी राह
प्रशासन बेहतर रोड कनेक्टिविटी के लिए यह नई रोड बनाने जा रहा है। यह रोड पीआर-4 के नाम से होगी। यह मोहाली के गांव तोगां से शुरू होगी, जो मार्बल मार्केट धनास और नवनिर्मित चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों को क्रॉस करते हुए आगे गांव सारंगपुर और फिर न्यू चंडीगढ़ को मोहाली के साथ जोड़ेगी। इस रोड के बनने से न्यू चंडीगढ़ जाने वाले लोगों को काफी लाभ होगा।
अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं लोग
चंडीगढ़ प्रशासन अभी फिलहाल कई कोर्ट में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को बढ़ाने के लिए लिटिगेशन में फंसा हुआ है। चंडीगढ़ के पेरीफेरी में 3082 एकड़ भूमि खाली है। इसमें से 40 एकड़ भूमि सारंगपुर में एक्वायर की गई है, वहीं 56 एकड़ भूमि मनीमाजरा में एक्वायर की गई है। यही कारण है कि इस मामले में भी गांव के लोग मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- कुलजीत सिंह संधू, धनास के सरपंच
इस मामले को लेकर सोमवार को कोर्ट के कुछ आदेश आए हैं। उन्हें देखने के बाद ही आगे मुआवजे की प्रक्रिया व दिन तय किया जाएगा।
- नाजुक कुमार, प्रभारी, भू अधिग्रहण विभाग, चंडीगढ़