भूना उप-तहसील के मुख्य गेट के बाहर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को 20 गांवों के किसानों को 16 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि नहीं मिलने से नाराज किसानों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि पिछले साल बारिश व गुलाबी सुंडी से खराब हुई फसल का मुआवजा तो मंजूर हुआ, मगर किसानों को वितरित नहीं किया गया।
16 करोड़ आज भी ट्रेजरी में पड़े हैं। मगर किसानों को मुआवजा क्यों नहीं दिया गया, इसको लेकर अधिकारियों व सरकार के पास कोई जवाब नहीं है। इसलिए भीषण गर्मी में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को उप-तहसील कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करके धरना दिया। किसान सभा के जिलाध्यक्ष रामस्वरूप ढाणी गोपाल के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक धरने पर बैठे रहे।
किसान संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। ढाणी गोपाल ने कहा कि पिछले सीजन में बारिश के कारण खेतों में जलभराव व गुलाबी सुंडी से फसलें खराब हो गई थीं। प्राशासनिक स्तर पर विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन किया गया था। मगर एक साल बीत जाने के बावजूद उप-तहसील भूना के किसानों की 16 करोड़ की मुआवजा राशि नहीं मिली है।
किसान कई बार उच्च अधिकारियों व कृषि मंत्री को पत्र भेजकर बकाया मुआवजा राशि जारी करने की मांग उठाते आ रहे हैं। किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा किसान विरोधी सरकार है। अगर भाजपा सरकार किसानों की भलाई के प्रति सजग है तो तुरंत प्रभाव से 16 करोड़ की मुआवजा राशि किसानों के सीधे खाते में डालें।
किसानों के बैंक खातों से फसल बीमा के नाम पर हजारों रुपये प्रतिवर्ष काट लिए जाते हैं। परंतु मुआवजा देने की बात आती है तब बीमा कंपनियां सरकार के साथ मिलकर किसानों को ठेंगा दिखाती हैं। मगर अब किसान जागरूक हो चुके हैं। सरकार व बीमा कंपनियों की अंधेरगर्दी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर किसान नेता हंसराज सिवाच, मनप्रीत सिंह, मुंशीराम, जितेंद्र सिंह, राममहेर सिवाच, धानाराम मोचीवाली, राजेंद्र सिंह, अमित कुमार, रमेश कुमार, काबल सिंह, बजिंदर सिंह, नवीन कुमार, साधुराम, प्रेमचंद, मनजीत सिंह, गुड्डी, लक्ष्मी देवी, चंद्रकला, बिमला देवी आदि मौजूद रहे।