हरियाणा में विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन सड़कों पर आ गई है। गुरुवार को इन्हीं मांगों के मद्देनजर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भाकियू इकाई ने प्रदर्शन कर जिला अधिकारियों को सीएम व डिप्टी सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। आंदोलन की इसी कड़ी में अब 29 जनवरी को पानीपत में किसानों की महापंचायत होगी, जिसमें आगामी रणनीति तय होगी।
तब तक गांव-दर-गांव किसान पेंशन किसान पंचायतें भी लगाएंगे। दरअसल, अपने इस आंदोलन में किसानों ने बुजुर्गों की पेंशन का मुद्दा समेत अन्य मांगों भी शामिल की हुई है। भाकियू के तत्वावधान किए गए प्रदर्शन को अभूतपूर्व बताते हुए प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने कहा कि लाखों वृद्वों, विधवाओं व दिव्यांगों में जजपा द्वारा किए गए वादे के अनुसार 5100 रूपए न करने को लेकर भारी रोष है। उनके अनुसार पेंशन 5100 करने की बजाए, केवल 250 रुपये की मामूली वृद्धि की गई है, जोकि नाकाफी है।
उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी पेंशन बढ़ाने में जजपा को भाजपा की ओर से किसी प्रकार की दिक्कत है तो डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला उसे सार्वजनिक करे। उन्होंने बताया 29 जनवरी को पानीपत स्थित भाकियू मुख्यालय में आयोजित होंने वाली प्रदेश स्तरीय किसान महापंचायत में आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।
इन मुद्दों पर बनेगी आंदोलन की रणनीति
- बुढ़ापा पेंशन को जजपा के चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक 5100 रुपये प्रतिमास किया जाए।
- गन्ने का चालू खरीद सीजन के लिए 400 रुपये प्रति कुंतल भाव दिया जाए।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीदने का कानून बनाया जाए।
- किसानों को कर्जमुक्त किया जाए।
- फसल बीमा सरकारी खर्चे पर सरकारी एजेंसी से करवाया जाए।