कार्यक्रम स्थल के बाहर किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान अलग-अलग किसान नेता भाषण भी दे रहे थे। शोर होने की वजह से पीछे खड़े लोग किसान नेताओं की बात नहीं सुन पा रहे थे, इसलिए कुछ किसान स्पीकर ले आए। जैसे ही पुलिस को स्पीकर के बारे में पता लगा। पुलिस के कई जवान स्पीकर की तरफ भागे और स्पीकर छीनने की कोशिश की।
इस पर किसान संगठनों के नेताओं ने कहा कि जब प्रधानमंत्री स्पीकर पर भाषण दे सकते हैं तो किसान नेता क्यों नहीं। इस पर पुलिस की तरफ से कहा गया कि भाजपा ने स्पीकर के लिए इजाजत ली हुई है। हालांकि किसान संगठनों द्वारा इसका विरोध किया गया लेकिन पुलिस ने स्पीकर नहीं बजने दिया। बाद में स्पीकर को वापस रख दिया गया और किसान नेता दोबारा बिना स्पीकर के भाषण देने लगे।
किसान संगठनों का एलान- भाजपा के हर कार्यक्रम का करेंगे विरोध
किसान संगठनों ने एलान किया है कि वह भाजपा के हर कार्यक्रम का विरोध करेंगे। किसानों ने कहा कि चंडीगढ़ के सभी गांवों से 31 दिसंबर को काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली समेत दिल्ली बॉर्डर कूच करेंगे और नया साल किसानों के साथ मनाएंगे। वहीं, कैंबवाला में प्रदर्शनकारी आयोजन स्थल के सामने एक इमारत पर खड़े होकर नारेबाजी कर रहे थे।
कई बार नारेबाजी का शोर ज्यादा हो रहा था, इसलिए पुलिस कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को कहा कि वह दूसरी तरफ मुंह कर नारेबाजी करें। युवक नहीं माने तो पुलिस के कुछ जवान इमारत की छत पर चढ़ गए और प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े होकर उन्हें दूसरी तरफ घूमने के लिए कहने लगे। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। पुलिस भी इमारत पर खड़ी रही और प्रदर्शनकारी भी नारे लगाते रहे। कार्यक्रम के खत्म होने के बाद जब भाजपा के नेता कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलने लगे, तब भी किसान संगठनों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया और मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।