तरनतारन के गांव शहबाजपुर में पराली जलाने की सूचना पाकर चालान काटने पहुंची कृषि विभाग की टीम को घेर कर किसानों ने नारेबाजी की। कृषि विभाग के एडीओ रमनदीप सिंह को सूचना मिली कि गांव शहाबपुरा के किसान ने धान की कटाई के बाद पराली को आग लगा दी है। इस पर एडीओ रमनदीप सिंह की अगुवाई में टीम जब गांव पहुंची तो किसान संघर्ष कमेटी के महासचिव फतेह सिंह पिद्दी, सुखदेव सिंह सहाबपुर की अगुवाई में किसानों ने टीम को घेर लिया और नारेबाजी की।
माहौल तनावपूर्ण बन गया। इसके बाद कृषि विभाग के एडीओ रमनदीप सिंह बिना कार्रवाई किए लौट गए। किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को चाहिए कि ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के तहत किसानों को सुविधाएं दी जाएं। बारिश के दिनों में फसलों के नुकसान हुए थे जिसका अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को पूरा करने के लिए किसान संघर्ष कमेटी द्वारा 18 अक्तूबर को ट्रेनें रोकी जाएंगी। इस मौके पर फतेह सिंह, निर्मल सिंह, सुप्रीम सिंह पिद्दी, संतोख सिंह, अमरजीत सिंह और बचित्र सिंह शेरों मौजूद थे।
पराली संभाल के लिए किसानों को नहीं मिली मशीनें
जालंधर में भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) ने दावा किया है कि केंद्र और पंजाब सरकार ने सूबे में किसानों को पराली संभालने के लिए अभी तक कोई मशीन नहीं दी। यूनियन पदाधिकारियों ने डीसी को दिए ज्ञापन में कहा है कि ऐसी स्थिति में किसानों के पास पराली को आग लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं हैं। इसलिए किसानों की मजबूरी को समझा जाए।
यूनियन के जिला प्रधान मनदीप सिंह समरा का कहना है कि सरकार जब भी कोई सब्सिडी आधारित योजना लाती है तो कहती है कि किसान पहले मशीन खरीद लें, बाद में सब्सिडी आएगी। स्थिति यह है कि किसान पहले ही कर्ज के तले दबा है और मशीन कैसे खरीदे। यूनियन की मांग है कि पराली संभालने को लेकर किसानों को जल्द मशीनें उपलब्ध करवाई जाएं।