खरड़। तहसील के विभिन्न गांवों के बीच से राष्ट्रीय राजमार्ग 205-ए निकाला जा रहा है। इसके निर्माण के लिए किसानों और जमीन के मालिकों का आरोप है कि उन्हें कम मुआवजा दिया गया है। इसे लेकर रोष जताते हुए किसानों किसानों, जमीन मालिकों और किसान यूनियन के नेताओं ने मुख्यमंत्री, पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए खरड़-रोपड़ हाईवे जाम कर दिया।
किसानों ने बताया कि पुलिस कई किसानों को गिरफ्तार करके थाना घड़ूआं में ले गई। इसका बात का पता जब किसानों और भारतीय किसान यूनियन के सदस्यों को लगा तो वे इकट्ठा होना शुरू हो गए। इसके बाद पुलिस गिरफ्तार किसानों को एसडीएम दफ्तर में मीटिंग करवाने के लिए ले गई लेकिन जब वहां कोई मीटिंग नहीं हुई तो किसानों ने रोष में आकर सड़क पर धरना दिया और खरड़-रोपड़ हाईवे जाम कर दिया।
किसान नेता जसपाल सिंह नियामियां, गुरमुख सिंह और लखविंदर सिंह आदि ने बताया कि गांव मछली कलां और मामुपुर समेत कई अन्य गांवों में नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा जबरदस्ती जमीन कब्जा ली गई है। ज्यादातर किसानों को मुआवजा कम मिला है जबकि सभी गांवों के किसानों को बराबर मुआवजा मिलना चाहिए। कम मुआवजा मिलने के कारण गांवों के 54 किसानों और खेवटदारों ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में केस दायर किया है। इसकी तारीख 11 जुलाई है।
एसडीएम ने दिया मीटिंग करने का आश्वासन
अमन कानून की स्थिति बनाए रखने के लिए थाना सिटी खरड़ के एसएचओ हरजिंदर सिंह, ट्रैफिक पुलिस खरड़ के इंचार्ज सुखमंदर सिंह बड़ी संख्या में पुलिस और महिला पुलिस कर्मचारियों के साथ मौके पर तैनात रहे। एसडीएम खरड़ रविंदर सिंह भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत की और उन्हें दफ्तर में आकर बैठक का आश्वासन दिया। इस पर उन्होंने किसान नेताओं को आश्वासन दिया कि जब भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी जमीन का कब्जा लेगी तो उससे पहले संबंधित किसानों के साथ मीटिंग की जाएगी। यह भी कहा कि जिन किसानों को कम मुआवजा मिला है तो वे अपील डाल सकते हैं। किसानों की समस्याओं जैसे बरसाती पानी की निकासी के लिए पुल-पुलियां बनाना और सड़क के साथ-साथ स्लिप रोड बनाने समेत अन्य समस्याओं संबंधी किसान लिखकर दें ताकि हाईवे अथॉरिटी के साथ तालमेल बैठाकर किसानों की समस्याओं को हल करवाया जा सके।