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तीसरी बार दिल्ली कूच असफल: हरियाणा पुलिस ने आंसू गैस-वाटर कैनन से रोके किसान, अब किसानों ने किए ये बड़े एलान

Sat, 14 Dec 2024 03:31 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

किसान शनिवार को तीसरी बार दिल्ली कूच के लिए आगे बढ़े, लेकिन इस बार भी पुलिस ने उन्हें रोक दिया। किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने पानी की बाैछार कर उन्हें पीछे हटने को मजबूर कर दिया। इसके अलावा आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए।
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किसान-पुलिस आमने सामने - फोटो : अमर उजाला/फाइल
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विस्तार
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किसानों ने शनिवार को तीसरी बार दिल्ली जाने की कोशिश की मगर हरियाणा पुलिस के अवरोधकों के आगे उनकी एक न चली। शंभू बॉर्डर पर एक बार फिर किसानों को आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारों को झेलना पड़ा।
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किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को पुलिस ने रबड़ की गोलियां मारीं गईं और घग्गर नदी का गंदा व केमिकल युक्त पानी फेंका गया। इस टकराव में 17 किसान घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। करीब दो घंटे की झड़प के बाद एक बार फिर किसानों का मरजीवड़ा जत्था बॉर्डर पर वापस आ गया।

इसी दौरान खन्ना से आए किसान जोद सिंह ने सल्फास निगल लिया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर है। साथी किसानों ने बताया कि वह दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर पुलिसिया जबर से परेशान था। इसी वजह से उसने जहर निगला। वहीं पंधेर ने एलान किया कि सोमवार को पंजाब छोड़कर देश के अन्य राज्यों में ट्रैक्टर मार्च निकाले जाएंगे। इसके बाद किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की ओर से राष्ट्रपति के नाम लिखे पत्र की काॅपियां प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी जाएंगी। 18 दिसंबर को पंजाबभर में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक ट्रेनें रोकी जाएंगी।

इससे पहले दोपहर 12 बजे 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच के लिए शंभू बॉर्डर की तरफ रवाना हुआ। यहां अंबाला के डीसी व एसपी ने किसानों को समझाया कि वह दिल्ली पुलिस से अनुमति लेकर आएं, तभी उन्हें आगे बढ़ने दिया जाए, लेकिन किसान जिद पर अड़े रहे। करीब 45 मिनट समझाने के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई की जिसमें किसानों को चोट आई है

 

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किसानों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की : हरियाणा पुलिस

हरियाणा पुलिस ने कहा कि किसानों ने रस्सी के साथ एक हुक बांधकर सीमेंट की बैरिकेडिंग के ऊपर लगे लोहे के जंगले को उखाड़ने की कोशिश की। मजबूर होकर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। किसानों को खदेड़ने के लिए उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और पानी की बौछारें मारी गईं। करीब सवा घंटे तक पुलिस व किसानों के बीच टकराव चलता रहा।

निजी वाहनों में अस्पताल पहुंचाए घायल

पुलिस की कार्रवाई में किसान कुलदीप सिंह, सुखदेव सिंह, श्मशेर सिंह, मुख्तियार सिंह खुराना, मिंहा सिंह मंगवाल, जगीर सिंह फौजी, दर्शन खोख लहरां, परमजीत सिंह हरदासपुरा, अमनप्रीत सिंह, हजारा सिंह व इंद्रजीत सिंह, राजकुमार टांडा, सुखविंदर सिंह, साधु सिंह व सुखदेव सिंह घायल हुए हैं। पंधेर ने बताया कि घायलों में कुछ की हालत ज्यादा खराब है। मौके पर एंबुलेंस की कमी होने पर प्राइवेट गाड़ियों के जरिये घायलों को अस्पताल दाखिल कराया गया।

किसानों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोले एक्सपायरी

पंधेर ने आरोप लगाया कि किसानों पर एक्सपायरी आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। ऐसा इसलिए ताकि बाद में मामले की जांच बैठे तो इसका कोई रिकॉर्ड ही न हो। पंधेर ने शंभू बाॅर्डर पर किसानों के मंच और घग्गर के साथ खेतों में खड़े किसानों पर भी हरियाणा पुलिस की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़ने के आरोप लगाए।

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