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पंचायत चुनाव... दस्तावेज पूरे होने के बाद भी नामांकन रद्द किए जा रहे, यह लोकतंत्र की हत्या: हाईकोर्ट

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-कहा, चुनाव आयुक्त आंखें मूूंद सकते हैं, लेकिन अदालत नहीं
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-जिन 270 पंचायतों को लेकर याचिकाएं विचाराधीन, सिर्फ उनकी चुनाव प्रक्रिया पर रोक
-पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया पर रोक से इन्कार, अनियमितताओं पर सरकार को फटकार
-14 अक्तूबर को सुनवाई के बाद इन पंचायतों के चुनाव पर होगा फैसला
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में अनियमितताओं की दलील देकर दाखिल होने वाली याचिकाओं की बड़ी संख्या को लेकर पंजाब सरकार को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने पूरे पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए केवल उन 270 पंचायतों के चुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगाई है, जिनको लेकर हाईकोर्ट में याचिका विचाराधीन है। पंचायत चुनाव में अनियमितता और मनमाने तरीके से नामांकन रद्द करने को लेकर सैकड़ों याचिकाएं सुनवाई के लिए पहुंची थीं। कोर्ट ने कहा कि हम देख रहे हैं कि सब तरह के दस्तावेज पूरे होने के बाद भी नामांकन रद्द किए जा रहे हैं, यह लोकतंत्र की हत्या है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयुक्त आंखें मूंद सकते हैं, लेकिन यह अदालत नहीं।
कोर्ट ने सवाल खड़े किए कि आखिर किस आधार पर चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि हम चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने का आदेश जारी कर सकते हैं। दोपहर में हाईकोर्ट ने सरकार को एक घंटे का समय देते हुए पूछा था कि निष्पक्ष चुनाव के लिए 15 अक्टूबर होने वाले चुनाव की अधिसूचना को रद्द कर, नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव करवाने की योजना पर क्या राय है। साथ ही सरकार कोर्ट को यह भी बताएं कि चुनाव अधिकारियों की नियुक्ति का क्या आधार है।
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अनियमितताओं पर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पंजाब सरकार ने एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयुक्त या तो वर्तमान आईएएस हो सकता है या फिर हाईकोर्ट का रिटायर जज। साथ ही हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जो अधिकारी कैंडीडेट को नो ड्यूज सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं, आखिर कैसे वही अधिकारी बकाया होने की दलील देकर नामांकन रद्द कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल 270 पंचायतों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर अहम आदेश जारी करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। साथ ही इन पंचायतों में अनियमितताओं को लेकर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। वीरवार को भी 100 से अधिक पंचायतों को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
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