हिसार जिले में किसान जोगेंद्र ने शनिवार को अपने खेत में एक एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। वे सरकार द्वारा बारिश से नष्ट हुई फसल की गिरदावरी नहीं किए जाने पर विरोध जता रहे थे।
जोगेंद्र ने कहा कि इस बारे में गांव में एक बैठक का आयोजन कर निर्णय लिया गया था कि सरकार का विरोध जताते हुए वे अपने खेत में फसल पर ट्रैक्टर चलाएंगे। जोगेंद्र ने कहा कि सरकार की नीति है कि जब तक 50 फीसदी से ज्यादा फसल नष्ट नहीं होती, गिरदावरी नहीं की जाएगी। सरकार के इस फैसले से किसान आहत है।
उन्होंने कहा कि आगे भी वे इस तरह अपना विरोध जताते रहेंगे। संघर्ष समिति की बैठक में फैसला हुआ कि किसान अपने खेतों में बरबाद हुई खड़ी गेहूं की फसल की टैक्ट्रर से बुआई कर देंगे। इस फैसले के बाद सबसे पहले प्रधान जोगेंद्र मय्यड़ ने बरसात में पूरी तरह से खराब हुई गेहूं की फसल की बुआई कर दी।
उन्होंने कहा कि अगर तबाह फसलों की गिरदावरी समय रहते नहीं की गई तो सभी सत्ताधारी एमएलए व एमपी को गांवों में घुसने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम तो मरे हुए हैं, इन्हें भी नहीं छोड़ेंगे। किसान पृथ्वी सिंह मय्यड़ ने कहा कि ‘म्हारा तो राम भी रूसैगा और राज भी रूसैगा, म्हारी फसल बर्बाद होगी, हमनै तै इब फांसी खाणी पड़ैगी’।
भगाना के फूलचंद ने कहा कि अगर समय रहते उनकी खराब फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजा नहीं दिया गया तो किसान कड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर हो जाएगा। इस मौके पर जयभगवान मय्यड़, शमशेर नंबरदार, दलबीर खरड़, तेज खोखा, धर्मपाल खरड़ अलीपुर, रघुवीर लाडवा सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।