कृषि कानून के विरोध में संगरूर रेलवे स्टेशन पर चल रहे किसान संगठनों के धरने में शामिल एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इसका पता सुबह तब चला जब उन्हें चाय देने के लिए जगाने का प्रयास किया गया। जानकारी के अनुसार गांव भुल्लरहेड़ी निवासी 65 वर्षीय किसान लाभ सिंह पिछले कई दिनों से किसान आंदोलन में शामिल थे।
बुधवार रात दिल का दौरा पड़ने के कारण उनकी मौत हो गई। लाभ सिंह के पास महज तीन किले जमीन थी। खेती के साथ-साथ वह धूरी में स्थित एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) के गोदाम में रात की ड्यूटी भी करते थे और उन पर तीन लाख का कर्ज था। लाभ सिंह की मौत पर धरनास्थल पर किसान संगठनों ने दो मिनट मौन धारण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और मोर्चे का शहीद घोषित किया।
इस मौके पर भाकियू राजेवाल के प्रदेश सचिव नरंजन सिंह दोहला, भाकियू डकौंदा के धूरी के ब्लाक अध्यक्ष श्यामदास कांझली ने कहा कि लाभ सिंह की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी और दिल्ली के खिलाफ संघर्ष को और जोर देगी। उन्होंने मांग की कि किसान लाभ सिंह का सारा कर्ज माफ किया जाए, परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।